भुज, 29 मई । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पिछले छह दशकों में ड्यूटी के दौरान 2,000 से ज्‍यादा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएसएफ) के जवानों ने 'सर्वोच्च बलिदान' दिया है। इस दौरान उन्‍होंने बीएसएफ को 'रक्षा की पहली पंक्ति' बताया।उन्होंने बीएसएफ की तारीफ करते हुए कहा कि यह बल बेहद खराब मौसम और मुश्किल इलाकों में भारत की कुछ सबसे कठिन सीमाओं की रक्षा करता है।

भुज में बॉर्डर आउटपोस्ट जी-7 पर बीएसएफ जवानों से बातचीत करते हुए अमित शाह ने कहा कि 1965-66 में अपनी स्थापना के बाद से ही इस बल ने भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश, दोनों सीमाओं की सफलतापूर्वक रक्षा की है।

शाह ने कहा, "अपनी स्थापना से लेकर अब तक 60 सालों से (1966 से 2026 तक) बीएसएफ ने दो सबसे कठिन सीमाओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी संभाली है- एक पाकिस्तान के साथ और दूसरी बांग्लादेश के साथ।

उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवान 'माइनस 45 डिग्री से लेकर प्लस 45 डिग्री' तक के तापमान में काम करते हैं। इनमें गुजरात के सरक्रीक और हरामी नाला के दलदली इलाके, राजस्थान के रेगिस्तान, कश्मीर के बर्फीले इलाके और पूर्वोत्तर व सुंदरबन के घने जंगलों वाले इलाके शामिल हैं।

उन्होंने कहा, "कहीं कच्छ का दुर्गम रेगिस्तान है तो कहीं सरक्रीक और हरामी नाला का दलदली इलाका, कहीं राजस्थान के रेत के टीलों के बीच आपको 50 डिग्री तक पहुंचने वाले तापमान में काम करना पड़ता है।"

राजस्थान सीमा के अपने हालिया दौरे का जिक्र करते हुए अमित शाह ने बताया कि जब वे सांचू बॉर्डर पोस्ट पर पहुंचे थे, तब वहां का तापमान 46 डिग्री था, जबकि रेगिस्तान में तापमान अक्सर 50 डिग्री के पार चला जाता है।

उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने पिछले छह दशकों से हर तरह के इलाकों में देश की 'रक्षा की पहली पंक्ति' के तौर पर अपनी भूमिका को बखूबी निभाया है। शाह ने कहा, "और इसके लिए 2,000 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।"

गृह मंत्री ने कहा कि देश के लोगों के मन में इस बल के प्रति 'गहरा आभार, सम्मान और श्रद्धा' है, और बीएसएफ जवानों द्वारा किए जा रहे काम की बदौलत ही देशवासी चैन की नींद सो पाते हैं। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा जिले में बनाए गए एक पब्लिक आउटरीच सेंटर का भी जिक्र किया, जिसका मकसद आम लोगों को बीएसएफ के काम से परिचित कराना है।

उन्होंने बताया कि करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बने इस सेंटर में हर महीने 2.5 लाख से ज्‍यादा लोग आते हैं।

अमित शाह के मुताबिक, कई लोगों ने फीडबैक फॉर्म में लिखकर इस बात पर गर्व जाहिर किया कि बीएसएफ की देश सेवा को देखते हुए भविष्य में उनके बच्चे भी इस फोर्स में शामिल हो सकते हैं। फीडबैक फॉर्म में माताएं भी शामिल थीं।

इस दौरे के दौरान गृह मंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी के डायरेक्टर तपन कुमार डेका और बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल प्रवीण कुमार भी मौजूद रहे।