छतरपुर के 5 विधायकों की भोपाल में हाई-प्रोफाइल बैठक, बदलाव की आहट या कुछ और...?

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भोपाल/छतरपुर (सुबोध त्रिपाठी)। राजधानी भोपाल के गलियारों में उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई, जब छतरपुर जिले के 5 विधायक एक साथ मुख्यमंत्री निवास पहुँचे। प्रदेश की राजनीति में यह संभवतः पहला अवसर है जब छतरपुर जिले के सभी जन-प्रतिनिधियों को एक साथ इतनी लंबी बैठक के लिए बुलाया गया हो।
इस 'मैराथन' बैठक के बाद अब जिले में किसी बड़े प्रशासनिक फेरबदल या विकास योजनाओं को लेकर बड़े धमाके के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, सियासी गलियारों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर विधायकों की सामूहिक नाराजगी की खबरें भी तैर रही हैं।
दिग्गजों की मौजूदगी और चर्चा के केंद्र
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू, राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया, छतरपुर की कद्दावर नेता ललिता यादव और महाराजपुर विधायक कामाख्या प्रताप सिंह (टीका राजा) शामिल हुए।
विशेष बात यह रही कि चंदला विधायक और राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार की मौजूदगी ने इस बैठक को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। बंद कमरे में हुई इस चर्चा के दौरान जिले की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की गति और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर लंबी बात होने की सूचना है।
नाराजगी या नई रणनीति?
बैठक के बाद निकलकर आ रही अपुष्ट खबरों और सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि जिले के विधायक स्थानीय प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के रवैये से संतुष्ट नहीं हैं। चर्चा है कि विधायकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष जिले की समस्याओं को प्रभावी ढंग से रखा है और कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा एतराज जताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह नाराजगी सही है, तो आने वाले कुछ दिनों में छतरपुर जिले में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है।


