छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत ग्राम ढोडऩ में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हुए पथराव और हिंसक हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। किशनगढ़ थाना पुलिस ने जननेता अमित भटनागर सहित 50 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अब तक एक दर्जन से अधिक संदेही आरोपियों को हिरासत में भी लिया है।
इन प्रमुख नामों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत सहित 50 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अतिरिक्त 150 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना स्थल पर मौजूद वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ्स के आधार पर अन्य आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है। विशेष रूप से ड्रोन कैमरों से की गई रिकॉर्डिंग का उपयोग उपद्रवियों की पहचान के लिए किया जा रहा है।
हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं
प्रशासनिक अमले और पुलिस बल पर हुए जानलेवा हमले को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी प्रावधान अपनाए हैं। दर्ज मामले में निम्नलिखित गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं:
हत्या का प्रयास: पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर किए गए भारी पथराव के कारण।
आपराधिक षड्यंत्र: हमले की योजना बनाने और भीड़ को उकसाने के आरोप में।
शासकीय संपत्ति को नुकसान: एडिशनल एसपी के वाहन सहित आधा दर्जन गाड़ियों और जेसीबी मशीन में तोड़फोड़ के लिए।
बलवा और मारपीट: सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा करने पर।
गिरफ्तारी के लिए आधा दर्जन टीमें सक्रिय
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की लगभग आधा दर्जन विशेष टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर सभी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।



