छतरपुर,विनोद मिश्रा। जिला अस्पताल में मानवता और सेवा का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक अज्ञात मानसिक रूप से अस्वस्थ वृद्ध महिला पिछले तीन दिनों से अस्पताल परिसर में लावारिस हालत में पड़ी थी। उसके पैर का अंगूठा पूरी तरह सड़ चुका था और उसमें कीड़े पड़ जाने से तेज बदबू फैल रही थी, जिसके कारण लोग उसके पास जाने से भी बच रहे थे। स्थिति बेहद गंभीर थी और महिला की जान को खतरा बना हुआ था।
इसी बीच जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. मनोज चौधरी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला के इलाज की जिम्मेदारी उठाई। उनके मार्गदर्शन में कंपाउंडर दिनेश मिश्रा ने लगातार महिला के घाव की सफाई शुरू की और दवा डालकर कीड़े निकालने का काम किया। उन्होंने पूरी निष्ठा से महिला की देखभाल की और इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया। शुक्रवार सुबह जब डॉक्टर महिला को देखने पहुंचे तो उसकी हालत और अधिक नाजुक हो चुकी थी। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण ऑपरेशन थिएटर जाने को तैयार नहीं थी। ऐसे में डॉ. चौधरी ने बिना समय गंवाए तीसरी मंजिल पर ही जमीन पर लेटी महिला का इलाज शुरू कर दिया। उन्होंने मौके पर ही घाव से कीड़े निकाले और सड़ा हुआ अंगूठा काटकर उसकी जान बचाने का प्रयास किया। डॉक्टर के अनुसार महिला की स्थिति बेहद गंभीर थी और तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप जरूरी था। फिलहाल महिला, जिसका नाम राम सखी बताया जा रहा है, अब खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।

