छतरपुर, संजय अवस्थी। शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में कार्यरत हलवाई, रसोइयों और उनके सहयोगी श्रमिकों के हितों की रक्षा की मांग को लेकर शुक्रवार को छतरपुर हलवाई मजदूर विकास उत्थान संगठन ने जिला कलेक्टर के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन के अध्यक्ष दयाराम कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में श्रमिकों के कार्य समय निर्धारित करने और समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में बताया गया कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हलवाई और रसोइयों से सुबह से लेकर देर रात 2 से 4 बजे तक लगातार काम कराया जाता है, जबकि उनके कार्य के घंटे तय नहीं हैं। कई मामलों में श्रमिकों को पूरा मेहनताना समय पर नहीं मिलता, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि शादी और अन्य आयोजनों में हलवाई एवं रसोइयों के कार्य की अधिकतम समय सीमा रात्रि 12 बजे तक निर्धारित की जाए। साथ ही भुगतान रोकने या श्रमिकों का शोषण करने वाले आयोजनकर्ताओं के विरुद्ध शिकायत दर्ज करने और त्वरित कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। संगठन ने श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए निगरानी तंत्र लागू करने की भी मांग की है।
संगठन अध्यक्ष दयाराम कुशवाहा ने बताया कि हलवाई और रसोइये सुबह 9 बजे से काम शुरू करते हैं, लेकिन कई बार उन्हें रात 2 से 4 बजे तक लगातार सेवाएं देनी पड़ती हैं। इससे श्रमिकों के स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर स्पष्ट गाइडलाइन बनाई जाए ताकि सभी आयोजनों में कार्य समय रात्रि 12 बजे तक ही सीमित रहे।
संगठन के सचिव पुष्पेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान में हलवाई मजदूरों के लिए कोई निर्धारित कार्य समय नहीं है। उन्होंने कहा कि अन्य श्रमिकों की तरह हलवाई और रसोइयों के लिए भी कार्य समय और श्रम अधिकारों से संबंधित स्पष्ट नियम बनाए जाएं, जिससे उन्हें भी न्याय और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां मिल सकें।




