ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले में लगातार बारिश के कारण आई फ्लैश फ्लड में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। शनिवार को बचाव दल ने एनईईपीसीओ कॉलोनी के मलबे से 30 वर्षीय महिला का शव बरामद किया। वहीं, तीन अन्य लोगों की तलाश चौथे दिन भी जारी है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार दोपहर बचाव दल ने मलबे से 30 वर्षीय बल्लारी मराक (उर्फ ओलिन सिंकली) का शव बरामद किया। स्थानीय लोगों ने शव की पहचान की।
उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और केई पन्योर पुलिस की संयुक्त टीमें प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद लापता तीन लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।
लापता लोगों की पहचान एलेश मराक (13), ताओ अंजिना (46) और सौरव कुमार (48) के रूप में हुई है।
लगातार भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण केई पन्योर जिले का पोटिन-किमिन राजमार्ग अब भी बंद है। सड़क से मलबा हटाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर यातायात नियंत्रित किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, सड़क बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्राथमिकता आपातकालीन वाहनों, आवश्यक वस्तुओं और इंजीनियरिंग उपकरणों की आवाजाही को दी जा रही है।
25 जून को भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री, बचाव नौका और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को केई पन्योर जिले में पहुंचाया गया था।
जिला प्रशासन के अनुसार, याजाली सर्कल के पूसा क्षेत्र स्थित एनईईपीसीओ परियोजना कॉलोनी में फ्लैश फ्लड आने के बाद शुरुआत में पांच लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। 24 जून को चलाए गए अभियान के दौरान विवेकानंद केंद्र विद्यालय (वीकेवी) की शिक्षिका निर्मला गुप्ता (35) का शव बरामद किया गया था।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनाइक और केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की कामना की है।
राज्यपाल ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को मानसून के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस आपदा में करीब 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा है।

