इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं को लेकर फिर शिकायतें, वेटिंग एरिया में कुर्सियों और चार्जिंग पॉइंट्स की कमी

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इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं को लेकर एक बार फिर नाराजगी सामने आई है। वेटिंग एरिया में पर्याप्त कुर्सियां नहीं होने और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स खराब रहने को लेकर यात्रियों ने शिकायत दर्ज कराई है। इंदौर से यात्रा कर रहे यात्री एस. लखोटिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर एयरपोर्ट की सुविधाओं पर सवाल उठाए।
यात्री ने लिखा कि गेट नंबर 10 और 11 पर चार्जिंग सॉकेट्स की संख्या बेहद कम है और बैठने के लिए कुर्सियां भी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने इंदौर एयरपोर्ट की तुलना बस स्टैंड से करते हुए इसे यात्री सुविधाओं के मामले में सबसे खराब एयरपोर्ट्स में से एक बताया।
इस शिकायत पर एयरपोर्ट प्रबंधन ने प्रतिक्रिया देते हुए माफी मांगी और कहा कि टर्मिनल पर इस समय कार्य चल रहा है। प्रबंधन के अनुसार, जल्द ही वेटिंग एरिया में कुर्सियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।
यात्रियों का कहना है कि उड़ानों में देरी के दौरान उन्हें लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है। मोबाइल चार्जिंग और बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। यात्रियों ने प्रशासन से जल्द सुधार की मांग की है।
दिल्ली जा रहीं महिला यात्री एयरपोर्ट पर बेहोश
इंदौर एयरपोर्ट पर रविवार को लगातार दूसरे दिन मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति बनी। इंदौर से दिल्ली जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6ई-6609 से यात्रा करने पहुंची 66 वर्षीय महिला यात्री परवीन सिंगला अचानक बेहोश हो गईं। वे चेक-इन के बाद सिक्योरिटी होल्ड एरिया में थीं, तभी बोर्डिंग से कुछ समय पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई।
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट के मेडिकल इमरजेंसी रूम से डॉक्टर मौके पर पहुंचे और प्राथमिक जांच की। डॉक्टरों के अनुसार महिला की ब्लड शुगर कम पाई गई, जिसके बाद उन्हें एयरपोर्ट की एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में चल रहा इलाज
अस्पताल में उपचार कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि महिला यात्री पंजाब के बरनाला की निवासी हैं और दिल्ली होते हुए पंजाब जा रही थीं। उपचार के बाद वे होश में आ गईं, हालांकि अभी उन्हें अस्पताल में भर्ती रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति में सुधार है और डायरिया का इलाज जारी है।
