दमोह,राजेन्द्र तिवारी। मध्यप्रदेश के दमोह में आयोजित एक वर-वधू परिचय सम्मेलन उस समय विवादों में घिर गया जब कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने आयोजकों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित लोगों ने दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर रजिस्ट्रेशन फीस वापस करने की मांग की।


दरअसल जिला मुख्यालय दमोह के जबलपुर स्टेट हाईवे स्थित नर्मदा धारा मैरिज गार्डन में राधिका फाउंडेशन सेवा समिति दमोह (खाटू श्याम जी मैरिज ब्यूरो) द्वारा वर-वधू परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और करीब दस हजार लोगों की भीड़ मैरिज गार्डन में जुट गई।


कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों का आरोप है कि आयोजकों ने वधू और वर पक्ष को आमने-सामने मिलने की व्यवस्था ही नहीं कराई। इससे नाराज लोगों ने इसे धोखाधड़ी बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया और रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिए गए पैसे वापस करने की मांग को लेकर दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।


सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, दमोह देहात थाना पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान आयोजकों की कथित टिप्पणी से माहौल और गर्मा गया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग करना पड़ा। कार्यक्रम में मौजूद महिला कार्यकर्ताओं को भी पुलिस सुरक्षा के बीच बाहर निकाला गया।


कार्यक्रम में पहुंचे सुरेंद्र सिंह लोधी, निवासी ग्राम खर्राघाट हरदुआ ने बताया कि वह मजदूरी करता है और शादी के लिए 4000 रुपये साहूकार से ब्याज पर लेकर यहां आया था, लेकिन आयोजकों ने न तो लड़की दिखाई और न ही पैसे वापस किए।


तहसीलदार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आयोजकों ने प्रति व्यक्ति 1100 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस ली है। मामले की जांच की जा रही है और दो-तीन दिनों में जांच पूरी होने के बाद तथ्य सामने आने पर लोगों के पैसे वापस कराए जाएंगे। यदि किसी प्रकार की फर्जीवाड़ा सामने आती है तो आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन के अनुसार मौके पर करीब 500 रजिस्ट्रेशन पाए गए हैं, जबकि कुल रजिस्ट्रेशन की संख्या जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। कार्यक्रम के लिए किसी प्रकार की अनुमति भी मौके पर नहीं पाई गई है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों की पांच सदस्यीय समिति बनाकर जांच कराने और पैसे वापस दिलाने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।