कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन कर दुर्गंध फैला रही हड्डी फैक्ट्री, बीमार पड़ रहे स्थानीय रहवासी

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सतना,अंबिका केशरी। सोहावल क्षेत्र में आबादी के बीच संचालित एक खुली हड्डी फैक्ट्री स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। रहवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाली तेज दुर्गंध और प्रदूषण से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। फैक्ट्री का बस्ती और देवीजी मंदिर के समीप संचालित होना स्थिति को और चिंताजनक बना रहा है।
जानकारी के अनुसार मेसर्स सोहावल बोन इंडस्ट्रीज के प्रॉपराइटर मोहम्मद असलम (निवासी इटौरा, तहसील रघुराजनगर) के विरुद्ध पूर्व में न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर, एसडीएम रघुराजनगर, पुलिस अधीक्षक तथा मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि मंदिर और आवासीय बस्ती के पास स्थित फैक्ट्री से उठने वाली सड़ांध के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है। शिकायत के बाद प्रशासन ने कुछ समय के लिए फैक्ट्री पर ताला लगाया था, लेकिन बाद में फिर से संचालन शुरू होने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए काम जारी है।
प्रशासन ने पहले शिकायत पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 152 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। जांच में यह भी सामने आया कि इकाई की वैधता वर्ष 2004 तक ही थी और वर्तमान संचालन के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं हैं। मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा, जहां डब्ल्यूपी 32621/2024 में 24 अक्टूबर 2024 को फैक्ट्री की गतिविधियां तत्काल बंद करने और परिसर में संग्रहित हड्डियां हटाने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय चोरी-छिपे हड्डियों की पिसाई की जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से फैक्ट्री को आबादी क्षेत्र से हटाकर अन्यत्र स्थापित करने तथा सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम से राहत मिल सके।
