नई दिल्ली। अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद कंगना रनौत ने 'जेन जी' (Gen Z) युवाओं पर दिए गए अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा करते हुए यह दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में पूरे देश की युवा पीढ़ी शामिल नहीं थी, बल्कि उनका बयान केवल उस खास प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए था।
कंगना रनौत के बयान के मुख्य बिंदु:
कंगना ने कहा कि देश में Gen Z की आबादी करीब 30 से 35 करोड़ है, जबकि जंतर-मंतर पर केवल 10 हजार के आसपास लोग जुटे थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में केवल 2 हजार के करीब युवा थे, जबकि बाकी की आधी से ज्यादा भीड़ अभिनेत्री शबाना आजमी की उम्र के लोगों की थी। कंगना ने चुनौती दी कि कोई उनका ऐसा बयान दिखाए जिसमें उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को निशाना बनाया हो। उन्होंने खुद को युवा बताते हुए तंज कसा कि वे राहुल गांधी की तरह 50 साल की युवा नहीं हैं।
विवाद की वजह: 'जेनरेशन गटर' टिप्पणी
इससे पहले जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का वीडियो देखकर कंगना ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भाषा पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'जेनरेशन गटर' कह दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इन युवाओं के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है और ये पढ़ाई-लिखाई में भी अच्छे नहीं हैं। बयान पर हंगामा मचने के बाद कंगना ने सफाई देते हुए तर्क दिया कि प्रदर्शनकारी खुद को 'कॉकरोच' कह रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को कॉकरोच कहेगा, तो उसका घर गटर ही होगा।
20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान 75 वर्षीय वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे थे और संसद मार्च के दौरान उनके साथ नजर आए थे। इसी प्रदर्शन के दौरान भीड़ के व्यवहार और भाषा को लेकर कंगना रनौत ने विवादित बयान दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों में उनकी कड़ी आलोचना हुई थी।




