बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले तेज, 18 दिन में छठी हत्या, नरसिंदी में दुकानदार की धारदार हथियारों से हत्या

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बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में सोमवार रात एक हिंदू दुकानदार की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय शरत चक्रवर्ती मणि के रूप में हुई है। यह घटना बीते 18 दिनों में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई छठी हत्या बताई जा रही है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
शरत चक्रवर्ती मणि पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में किराना दुकान चलाते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात अज्ञात हमलावर अचानक उनकी दुकान पर पहुंचे और उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि हमलावरों की पहचान और हत्या के कारणों को लेकर अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि 19 दिसंबर को शरत चक्रवर्ती मणि ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर देश में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई थी। उन्होंने अपने इलाके को ‘मौत की घाटी’ करार दिया था, जो अब उनकी हत्या के बाद और भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
इससे एक दिन पहले, 5 जनवरी को जेसोर जिले में भी एक हिंदू व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मोनिरामपुर इलाके में आइस फैक्ट्री मालिक और ‘दैनिक बीडी खबर’ अखबार के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी की सार्वजनिक रूप से हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, बाइक पर सवार तीन हमलावर उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाकर एक गली में ले गए और सिर में नजदीक से गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से सात खाली कारतूस बरामद किए थे और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। इन लगातार हो रही घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
