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मध्य प्रदेशसतनाअजग-गजबः 1 या 2 दिन नहीं, पूरे 45 साल से इस शख्स के मुंह में दबी हैं 150 से ज्यादा पिन...?, पढि़ए होश उड़ाने वाली कहानी

अजग-गजबः 1 या 2 दिन नहीं, पूरे 45 साल से इस शख्स के मुंह में दबी हैं 150 से ज्यादा पिन...?, पढि़ए होश उड़ाने वाली कहानी

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PeptechTime
9 फ़रवरी 2026, 09:35 am IST
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सतना, अंबिका केशरी। पान, तम्बाकू, शराब, बीड़ी या सिगरेट ये चीजें ऐसी हैं, जिनकी आदत लग गई तो जाती नहीं और अब ये आम है, हर दूसरा या तीसरा व्यक्ति इन चीजों की तलब रखता है, लेकिन अगर कोई कहे कि उसे लोहे की पिनों को चूसने का शौक है, पिनों की तलब है तो यह बात गले से नीचे नहीं उतरती।


यह सच कर दिखाया है सतना निवासी संजय विश्वकर्मा ने। संजय अपने मुंह में 150 से अधिक पेपर पिन दबाकर रखते हैं। संजय बताते है कि महज 12 साल की उम्र में उन्होंने पान खाना शुरू किया। पान खाते वक्त दांतों में फंसी सुपारी को निकालने के लिए वह माचिस की तीलियों या अगरबत्ती की काडियों का इस्तेमाल करते थे, जो जल्द टूट जाती थीं। विकल्प की तलाश में उन्होंने पिन का सहारा लिया और धीरे-धीरे पिन को मुंह में दबाए रखना उनकी आदत बन गई और साल दर साल पिन की संख्या बढती गई। संजय विश्वकर्मा ने पेप्टेक टाइम से बताया कि उन्होंने कभी पिन खरीदी नहीं, बल्कि कपडे की दुकानों, सरकारी दफ्तरों या ऑफिस से वे चुपके से पिन उठा लिया करते थे।



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समय के साथ उनके पास पीतल, स्टील, लोहे और तरह-तरह का डिजाइन वाली पिनों का एक बडा कलेक्शन तैयार हो गया। लोग उन्हें अब उनकी इसी आदत के कारण पहचानते है और उनकी अनोखी आदत स्थानीय चर्चाओं का विषय बन गई है। संजय कहते है, चाहे ब्रश करना हो, खाना खाना हो गया सोना-जागना हो, उनके मुंह में हमेशा पिन दबी रहती है।


कुछ साल पहले जब उन्हें मीडिया ने जबलपुर अस्पताल ले जाकर जांच कराई तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। रिपोर्ट में सामने आया कि जिस साइड से वे पान खाते है, वहां दांत जरूर घिसे हुए हैं। चूने के कारण मुंह कटा है, लेकिन जिस हिस्से में पिन रहती है, वहां सब कुछ पूरी तरह सुरक्षित है। बताया गया कि शुरूआत में उनके माता-पिता ने इस आदत पर नाराजगी जताई, लेकिन समय के साथ वे भी इसे नजरअंदाज करने लगे। संजय ने बताया कि स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्होंने कभी अपनी इस अजीबोगरीब आदत को सार्वजनिक नहीं होने दिया। हालांकि अब लोग खुलेआम उनसे सवाल पूछते है और हैरत से उनकी ओर देखते है।


संजय ने हंसते हुए बताया कि एक बार एयरपोर्ट पर उन्हें डर लगा कि कहीं सिक्योरिटी चेक के दौरान उनसे पिन निकलवा न ली जाए। हालांकि वे बिना किसी परेशानी के वहां से गुजर गए। उनका कहना है कि यह आदत अब उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है और इसे छोडना काफी मुश्किल है।

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