नई दिल्ली, 1 सितंबर । भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलने जा रही है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन के बीच भारत में जेवलिन मिसाइल के सह-उत्पादन को लेकर समझौता हुआ है। इसे दोनों देशों की रक्षा साझेदारी और भारत की स्वदेशी विनिर्माण क्षमता के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
राजदूत गोर ने कहा कि इस समझौते के बाद अमेरिकी जेवलिन मिसाइल का निर्माण भारत में किया जाएगा। इस सहयोग से अमेरिकी रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी और भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।
राजदूत गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''यह अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लॉकहीड मार्टिन, रेथियॉन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच यह सहयोग अमेरिकी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, अमेरिका के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत बनाएगा और भारत की विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षमताओं को भी बढ़ावा देगा।''
राजदूत गोर ने यह बात लॉकहीड मार्टिन के उस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए कही, जिसमें कहा गया, ''लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन की साझेदारी से संचालित जैवलिन जॉइंट वेंचर ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ भारत में जैवलिन ऑल-अप-राउंड के सह-उत्पादन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल भारत की रक्षा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आपूर्ति शृंखला को और अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाएगी।''
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को जेवलिन जॉइंट वेंचर (जोजेवी) ने कई कंपनियों की काबिलियत और एक्सपर्टीज के आधार पर इवैल्यूएशन के बाद भविष्य में देश में को-प्रोडक्शन की कोशिशों के लिए प्राइम पार्टनर के तौर पर चुना है।
इंडस्ट्री एमओयू के तहत, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और जोजेवी भारत में जैवलिन ऑल-अप-राउंड के लिए फाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन फैसिलिटी बनाने और कंपोनेंट बनाने की क्षमताओं पर विचार करेंगे। यह समझौता जैवलिन सिस्टम के भविष्य के उत्पादन में मदद करेगा, साथ ही भारतीय इंडस्ट्री के लिए खास मौके देगा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता को मजबूत करेगा।




