इंदौर के बाद अब छिंदवाड़ा...? रामबाग में नलों से जहर

Indore Faimly
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इंदौर। दूषित पानी से हुई भयावह मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटनाओं के बाद भी छिंदवाड़ा में हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं। शहर के रामबाग क्षेत्र में बीते करीब सात महीनों से नलों में मठमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे नाराज वार्डवासी सड़कों पर उतर आए हैं। शुक्रवार को रहवासियों ने मीडिया को मौके पर बुलाकर घरों के बर्तनों में भरा गंदा पानी दिखाया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
बर्तनों में भरा पानी साफ तौर पर दूषित नजर आ रहा था, जिसने अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी। वार्डवासियों के अनुसार नलों से सिर्फ एक घंटे पानी की सप्लाई होती है, जिसमें से आधा से पौन घंटा तक गंदा पानी आता है। मुश्किल से 10–15 मिनट ही साफ पानी मिल पाता है। गंदा पानी पीने से बच्चे महीने में तीन–चार बार बीमार पड़ रहे हैं। गरीब परिवारों के सामने RO या फिल्टर भी विकल्प नहीं हैं, और जिन घरों में फिल्टर हैं, वे भी खराब हो रहे हैं। इंदौर की घटना के बाद रामबाग में डर का माहौल है। लोगों की चेतावनी साफ है अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो छिंदवाड़ा भी किसी बड़ी त्रासदी से नहीं बचेगा।
