छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। विकासखंड तामिया के सांगाखेड़ा वन परिक्षेत्र में शनिवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब महुआ बीनने जंगल गए दो ग्रामीणों पर एक विशालकाय जंगली भैंसे (बायसन) ने जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि बायसन ने दोनों ग्रामीणों को हवा में उछालकर जमीन पर पटक दिया और अपने भारी-भरकम पैरों से उन्हें कुचलने की कोशिश की। इस खूनी संघर्ष में दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश और ग्रामीणों में जबरदस्त दहशत का माहौल है।


अंधेरे का फायदा उठाकर किया हमला, पैर हुए चकनाचूर

घटना शनिवार सुबह करीब 6 बजे की है, जब कुकरपानी गांव निवासी 60 वर्षीय मानक लाल दर्शमा और 50 वर्षीय सुखमन पिता शोमा लोबो गांव के पास ही कुकरपानी जंगल में महुआ बीन रहे थे। तभी अचानक झाड़ियों के पीछे से निकले एक गुस्सैल बायसन ने उन पर धावा बोल दिया। मानक लाल और सुखमन को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बायसन ने अपने सींगों और पैरों से उन पर ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे दोनों के पैर कई जगह से टूट गए और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने जब चीख-पुकार सुनी, तो वे लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े, जिसे देखकर जंगली भैंसा जंगल की गहराई में भाग निकला।


रेस्क्यू और अस्पताल की भागदौड़: एक नजर में

घटना की सूचना मिलते ही सांगाखेड़ा वन परिक्षेत्र के रेंजर और उनकी टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से दोनों लहूलुहान घायलों को तत्काल एक निजी वाहन से तामिया अस्पताल लाया गया। तामिया अस्पताल के डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति और शरीर की कई हड्डियां टूटी होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार देकर तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने घायलों के परिजनों को ढांढस बंधाया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि महुआ सीजन होने के बावजूद वन विभाग ने जंगली जानवरों से सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।


दहशत में सांगाखेड़ा अंचल: महुआ बीनना हुआ दुश्वार

वर्तमान में महुआ का सीजन चल रहा है और वनांचल के ग्रामीण अपनी रोजी-रोटी के लिए तड़के ही जंगलों का रुख करते हैं। बायसन के इस हमले ने वन सीमा से लगे दर्जनों गांवों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीणों में इस बात का डर है कि कहीं वह हमलावर बायसन दोबारा किसी और को अपना निशाना न बना ले। वन विभाग ने फिलहाल ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने की सलाह दी है और संबंधित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का दावा किया है।