कीव। अमेरिका और रूस के बीच हुए तेल समझौते की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कड़ी आलोचना की। इस समझौते के तहत रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को डीजल की आपूर्ति करेगा। जेलेंस्की का कहना है कि इससे रूस को अतिरिक्त आय मिलेगी, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लंबी पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि रूस को पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से कमाई का मौका देना शांति की दिशा में कदम नहीं है, बल्कि इससे मॉस्को की सैन्य क्षमता और मजबूत होगी।
उन्होंने लिखा, "पुतिन को दिए गए तोहफे न तो शांति लाएंगे और न ही सभ्य दुनिया को कोई फायदा पहुंचाएंगे।" जेलेंस्की ने कहा, "रूस इस डीजल की कीमत और ज्यादा आतंक और विश्वासघात से चुकाएगा। रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देना उस युद्ध में निवेश करने जैसा है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए, न कि लंबा खींचा जाना चाहिए।"
डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक बड़े समझौते के तहत रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को लाखों टन डीजल की आपूर्ति करेगा। ट्रंप ने दावा किया था कि इससे ईंधन की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।
यह घोषणा ऐसे समय हुई, जब यूक्रेन का एक वार्ता प्रतिनिधिमंडल फ्लोरिडा में अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ दो दिनों की बातचीत कर रहा था। इन चर्चाओं में युद्ध खत्म करने के संभावित रास्तों पर बात हुई, जिसमें ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव भी शामिल था।
शुक्रवार दोपहर 'ट्रुथ सोशल' पर की गई पोस्ट में ट्रंप ने पुतिन के साथ अपनी बातचीत को बेहद सफल बताया और डीजल आपूर्ति की योजना का ब्योरा दिया।
ट्रंप ने लिखा, "मैंने अभी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बेहद सफल बातचीत पूरी की है। इसके तहत रूस तुरंत तीन लाख टन से अधिक डीजल अमेरिकी और वैश्विक बाजार में भेजेगा, नवंबर के दौरान पांच लाख टन और उसके बाद तुरंत 10 लाख टन अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति करेगा।"
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भी रूसी डीजल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने वाला लाइसेंस जारी किया है, जिससे इस आपूर्ति व्यवस्था को लागू करने में मदद मिलेगी। जेलेंस्की ने ट्रंप की घोषणा के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों के साथ युद्ध समाप्त करने के रास्तों पर चर्चा कर रहा था, उसी दौरान इस तरह की घोषणा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने संकेत दिया कि फ्लोरिडा में चल रही यूक्रेन-अमेरिका वार्ता शायद वाशिंगटन और मॉस्को के बीच हुए इस समझौते के लिए 'ध्यान भटकाने वाले पर्दे' की तरह इस्तेमाल की जा रही हो।
पत्रकारों से बातचीत में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के प्रतिनिधि अमेरिका में युद्ध रोकने और युद्धविराम सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा करने गए थे। ऐसे में रूसी डीजल समझौते की घोषणा कीव के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि एक तरफ यूक्रेनी और अमेरिकी अधिकारी शांति वार्ता कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप उस व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे, जिसे जेलेंस्की ने 'इस युद्ध का नेता' बताया।
जेलेंस्की का कहना है कि डीजल निर्यात से रूस को होने वाली कमाई सीधे उसकी सैन्य गतिविधियों को जारी रखने में मदद कर सकती है और युद्ध से होने वाले नुकसान को और लंबा खींच सकती है।
उन्होंने कहा, "इसका मतलब है इस युद्ध के लिए ज्यादा पैसा, हमारे लोगों को और ज्यादा पीड़ा पहुंचाने के लिए ज्यादा पैसा, इसमें कोई शक नहीं है।" जेलेंस्की ने समझौते को 'मजबूत साझेदारों का कमजोर फैसला' बताते हुए कहा, "यह सिर्फ पुतिन को फायदा पहुंचाता है और उसे और ज्यादा लड़ाई जारी रखने की ताकत देता है।"











