देवास, हेमंत गुर्जर। सरकार भले ही गांव-गांव तक पेयजल पहुंचाने के लाख दावे कर रही हो, लेकिन देवास जिले के कन्नौद जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डाबरी बुजुर्ग के भैरूपुरा गांव की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। गांव में भीषण जल संकट के चलते करीब 800 की आबादी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है।
गांव में मौजूद दो कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं, वहीं पानी की टंकी लंबे समय से खराब पड़ी होने के कारण जल सप्लाई बंद है। ऐसे हालात में पूरा गांव केवल एक हैंडपंप के सहारे निर्भर है। पानी भरने के लिए ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को सुबह तड़के उठकर लंबी लाइन लगानी पड़ती है। कई बार पानी को लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। गांव के अधिकांश परिवार मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते हैं। भीषण गर्मी में दो जून की रोटी जुटाने के साथ-साथ पेयजल की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। महिलाएं दूर-दराज खेतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में 24 घंटे रहने वाले सरपंच और सचिव भी इस गंभीर समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं। जब पंचायत सचिव से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। सचिव के इस जवाब के बाद ग्रामीण पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

