मंदसौर, ललित शंकर धाकड़ | कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त (रद्द) किए जाने का मामला अब पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी कड़ी में सोमवार को मंदसौर जिला मुख्यालय पर युवक कांग्रेस (युवा कांग्रेस) और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने प्रदेशव्यापी आह्वान पर सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी जबरन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला कार्यालय का घेराव करने आगे बढ़े। पुलिस और कांग्रेसियों के बीच हुई तीखी झड़प और धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल कर कार्यकर्ताओं को बीच रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस ने कई प्रमुख प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है।


भाजपा कार्यालय का घेराव करने बढ़े कांग्रेसी, पुलिस ने वाटर कैनन से रोका

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भारी संख्या में एकत्रित हुए और चुनाव आयोग व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यालय की ओर कूच किया।


आमने-सामने आए पुलिस और कार्यकर्ता:

कांग्रेसियों के इस आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही तगड़ी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उन पर पानी की तेज बौछारें (वाटर कैनन) छोड़ीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।


पीएम और सरकार का पुतला दहन टला, पुलिस ने छीना पुतला

घेराव के साथ-साथ आक्रोशित कांग्रेसियों ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्र की भाजपा सरकार की अर्थी निकालकर उनका पुतला फूंकने (दहन करने) का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिस बल और आला अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कार्यकर्ताओं के हाथों से पुतला छीन लिया और उन्हें दहन करने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच काफी देर तक झूमाझटकी चलती रही।


कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, भारी पुलिस बल तैनात

पुलिस की चेतावनी और पानी की बौछारों के बाद भी जब कार्यकर्ता शांत नहीं हुए और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारी युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पुलिस वाहनों में बैठाकर अस्थाई जेल भेजा गया।


प्रशासनिक अलर्ट: मीनाक्षी नटराजन के गृह क्षेत्र और मालवा अंचल का प्रमुख केंद्र होने के कारण मंदसौर में प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस और जिला प्रशासन का अमला सुबह से ही हाई अलर्ट पर दिखाई दिया।


सुरक्षा चाक-चौबंद: भाजपा कार्यालय, मुख्य चौराहों और संवेदनशील मोड़ों पर भारी संख्या में पुलिस बल, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण बल तैनात किया गया था, जिससे कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो सके।


कांग्रेस ने लगाया तानाशाही का आरोप

गिरफ्तारी के दौरान युवक कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतारू है। पहले सोची-समझी साजिश के तहत कांग्रेस की मजबूत राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज कराया गया और अब जब विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध कर रहा है, तो पुलिस के दम पर हमारी आवाज को कुचला जा रहा है। कांग्रेस इस दमनकारी नीति के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज करेगी। वर्तमान में शहर में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन पुलिस बल तैनात है।