नई दिल्ली। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने फु क्वोक द्वीप के पास हुए पर्यटक नौका हादसे में मारे गए भारतीयों के पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे में घायल एक भारतीय की हालत में सुधार हो रहा है, जबकि बचाए गए पर्यटक रविवार को भारत लौटेंगे।रविवार सुबह 7:30 बजे जारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार, हादसे में जीवित बचे किशोर का वियतनाम के एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति लगातार बेहतर हो रही है।

भारतीय दूतावास ने पार्थिव शरीरों को भारत लाने की प्रक्रिया के लिए अधिकृत एजेंसी का चयन कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, शवों को स्वदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि अधिकृत एजेंसी रविवार को मृतकों के परिजनों से संपर्क करेगी, ताकि पार्थिव शरीर भारत भेजने के लिए आवश्यक प्राधिकरण और औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।

इस बीच, हादसे में बचाए गए पर्यटक रविवार को अपने-अपने गृह नगरों के लिए रवाना होंगे। उनकी यात्रा के लिए विमान टिकट की व्यवस्था संबंधित मोबाइल सेवा प्रदाता ने की है।

अधिकारियों ने कहा कि टीम आंध्र प्रदेश भवन भारतीय दूतावास के साथ मिलकर काम कर रही है और प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया पूरी होने तक सभी जरूरी मदद देने के लिए स्थिति पर नजर रख रही है।

शनिवार को वियतनाम के फु क्वोक आइलैंड के पास भारतीय आगंतुकों को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट के पलट जाने से इस हादसे में तमिलनाडु के 10 पर्यटक समेत 15 लोगों की जान चली गई।

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, नाव में करीब 32 भारतीय पर्यटक सवार थे, जिनमें 17 तमिलनाडु के थे, जबकि बाकी यात्री आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के थे। बताया गया कि नौका फु क्वोक द्वीप के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में भ्रमण के दौरान पलट गई।

हादसे की सही वजह अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है। वियतनामी अधिकारियों ने नाव पलटने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

घटना के तुरंत बाद, बचाव दल, स्थानीय निवासी और इमरजेंसी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि बेहोश मिले लोगों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देकर बचाने का प्रयास किया गया।

अधिकारियों ने पुष्टि की कि हादसे में 15 लोगों की मौत हुई, जबकि अन्य यात्रियों को सुरक्षित बचाकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।