इंदौर। मध्य प्रदेश के महू में रक्षाबंधन व आगामी त्योहारों के दौरान शहर के मुख्य मार्ग पर लगने वाली अस्थायी दुकानों और भीषण ट्रैफिक जाम से आम जनता को राहत दिलाने के लिए छावनी परिषद महू ने एक व्यवस्थित पहल की है। मंगलवार को फूडकोर्ट गार्डन साइड परिसर में विशेष ‘राखी एवं हस्तकला मेले’ का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य शहर के मध्य व्यस्त मार्गों पर लगने वाली अस्थायी दुकानों को एक सुव्यवस्थित व सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है, ताकि प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
आतिशबाजी के बीच फीता काटकर शुभारंभ, अतिथियों ने की खरीदारी
छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) ज्योति कपूर ने जनप्रतिनिधियों और कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति में फीता काटकर मेले की विधिवत शुरुआत की। शुभारंभ अवसर पर रंगारंग पायरो आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा वातावरण उत्सवी हो उठा। उद्घाटन के उपरांत सीईओ ज्योति कपूर सहित अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, कारीगरों व दुकानदारों से हस्तशिल्प उत्पादों की जानकारी ली और खुद राखियों व अन्य सामग्रियों की खरीदारी कर दुकानदारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर कार्यालय अधीक्षक सतीश अग्रवाल, चीफ इंजीनियर अमित व्यास सहित परिषद के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
94 व्यापारियों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ पर मिलीं निशुल्क दुकानें
महू छावनी परिषद द्वारा फूडकोर्ट में पहली बार आयोजित यह राखी एवं हस्तकला मेला आगामी 29 अगस्त तक संचालित रहेगा। मेले में स्थानीय 94 छोटे-बड़े व्यापारियों एवं हस्तशिल्पकारों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के पारदर्शी आधार पर पूर्णतः निशुल्क दुकानें आवंटित की गई हैं। नागरिकों को खरीदारी के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से पूरे मेला परिसर को परिषद द्वारा आकर्षक रोशनी और सजावट से संवारा गया है।
महात्मा गांधी मार्ग पर अब नहीं लगेगा अस्थायी बाजार
विगत वर्षों में रक्षाबंधन के अवसर पर महू के मुख्य महात्मा गांधी मार्ग (MG Road) पर सड़क किनारे और बीच में अस्थायी दुकानें लग जाती थीं, जिससे घंटों जाम की स्थिति बन जाती थी और राहगीरों व दुकानदारों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। इस बार परिषद द्वारा बाजार को फूडकोर्ट में स्थानांतरित किए जाने से मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव नहीं रहेगा और उपभोक्ता भी बिना किसी भागदौड़ व पार्किंग की किल्लत के सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकेंगे।
कोर्ट से याचिका खारिज होते ही आयोजन का मार्ग हुआ प्रशस्त
परिषद के इस फैसले का कुछ स्थानीय व्यापारियों और मकान मालिकों ने विरोध किया था, जिन्होंने अपनी जगहें अस्थायी दुकानों के लिए किराए पर दे रखी थीं। इन लोगों ने फैसले के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की थी। हालांकि, मंगलवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद परिषद ने तय समय पर मेले का शुभारंभ किया। शहर की 30 से अधिक प्रमुख सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने परिषद की इस ट्रैफिक-मुक्त व्यवस्था का खुलकर स्वागत और समर्थन किया है।




