लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को वृक्षारोपण महाअभियान के तहत जन भवन परिसर में सफेद चंदन का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और भावी पीढ़ियों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषित पर्यावरण और अस्वस्थ जीवनशैली आज सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाना होगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन की नक्षत्र वाटिका में सफेद चंदन का पौधा लगाया। इस दौरान जन भवन परिसर में कुल 29 चंदन के पौधे रोपे गए। पौधरोपण में जन भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ राजकीय बालगृह (बालिका), सिंधीखेड़ा की बच्चियों ने भी भागीदारी की। राज्यपाल ने कहा कि आज देश और दुनिया जिन पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, वे प्रकृति के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये का परिणाम हैं।

उन्होंने कहा कि दूषित जल, प्रदूषित वातावरण और अस्वस्थ जीवनशैली गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण और स्वस्थ जीवन पद्धति अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने गृहिणियों से बाजार में मिलने वाले मिलावटी खाद्य पदार्थों के बजाय घर का शुद्ध और पौष्टिक भोजन अपनाने तथा बच्चों में भी स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में भी मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री नहीं लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

राज्यपाल ने कहा कि हर कार्य प्रेम और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए तथा निर्णय लेते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उससे किसी अन्य व्यक्ति को कोई असुविधा न हो। उन्होंने किसानों के खेतों से गुजरने वाली विद्युत लाइनों का जिक्र करते हुए कहा कि विकास कार्यों की योजना इस तरह बनाई जानी चाहिए कि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने विश्वविद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों में वैज्ञानिक योजना, बेहतर डिजाइन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि केवल धन खर्च करना लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और उपयोगी निर्माण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की भी प्रशंसा की और अधिक से अधिक लोगों से इस जनअभियान से जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने लगाए गए पौधों का अवलोकन किया और जन भवन के उद्यान में विकसित फल, सब्जी एवं शाकभाजी की क्यारियों का निरीक्षण कर उनके बारे में जानकारी भी प्राप्त की।