उज्जैन को मिली ₹189 करोड़ की 'रेल सौगात, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा...?

Advertisement
भोपाल/उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन और आसपास के क्षेत्र के लिए एक बड़ी रेल परियोजना की घोषणा करते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत ₹189.04 करोड़ की लागत से 8.60 किलोमीटर लंबी 'नईखेड़ी-चिंतामन गणेश उज्जैन बाईपास' रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना न केवल रेलवे के परिचालन को सुधारेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उज्जैन की कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाएगी।
उज्जैन जंक्शन का दबाव होगा कम
वर्तमान में कई ट्रेनों को उज्जैन जंक्शन पर इंजन बदलने या दिशा बदलने के लिए 'वापस मोड़ने' (Reversal) की आवश्यकता होती है, जिससे समय की बर्बादी और परिचालन में बाधा उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बाईपास लाइन के पूर्ण होने से ट्रेनों को मोड़ने की यह मजबूरी समाप्त हो जाएगी। इससे रेल खंड की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु तथा समयबद्ध हो सकेगा।
सिंहस्थ-2028 और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बूस्ट
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ सिंहस्थ-2028 के दौरान देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और अन्य पवित्र स्थलों पर आने वाले देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह बाईपास लाइन निर्बाध, तेज और सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित करेगी। इससे न केवल तीर्थयात्रियों को बल्कि दैनिक यात्रियों और माल ढुलाई सेवाओं को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास की गति तेज होगी।
सुशासन और विकास की नई कड़ी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार जताते हुए कहा कि यह नई रेल लाइन उज्जैन की धार्मिक महिमा और पर्यटन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सिंहस्थ से पहले रेल नेटवर्क का यह विस्तार बुनियादी ढांचे के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा।



