मुख्यमंत्री ने किया मंडप पूजन, बागेश्वर महाराज ने सीएम को हल्दी लगाकर की महोत्सव की शुरुआत

Advertisement
Live
छतरपुर, रोहित पाठक। बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड के महाकुंभ के रूप में 300 बेटियों का विवाह हो रहा है। शुक्रवार को हल्दी की रस्म की गई। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने बागेश्वर धाम आकर मंडप का पूजन किया। पूजन के पश्चात बागेश्वर महाराज ने मुख्यमंत्री को हल्दी लगाकर महोत्सव की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने महाराज श्री को हल्दी लगाई। मुख्यमंत्री ने सभी बेटियों के सुखमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थान संस्कारों को देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज सभी धार्मिक स्थलों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराज श्री के सभी प्रकल्प हम सबको गौरवान्वित करते हैं। क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटैरिया ने सबका स्वागत किया।
हल्दी महोत्सव के अवसर पर पधारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार और वैदिक परंपरा के अनुरूप बेटियों के मंडप का पूजन किया। वहीं बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को स्मृति चिन्ह के रूप में हल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि बागेश्वर धाम की देश दुनिया में अलग प्रसिद्धि है। उन्होंने कहा कि समस्त देव स्थान चमत्कारिक हैं। 16 संस्कारो में विवाह संस्कार का व्यापक एवं अलग महत्व है। उन्होंने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा हिन्दुत्व एवं सनातन संस्कृति के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस मुहिम में सभी सनातनी लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 साल बाद अब सोमनाथ मंदिर को भी नई पहचान मिली है। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। सरकार पूरे संकल्प के साथ पीठाधीश्वर के परोपकारी कार्यों में साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महाशिवरात्रि पर्व पर 3 हजार कन्याओं का विवाह हो, ऐसी आशा और उम्मीद है। इसके अलावा तीन अबूझ मुहूर्त बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तय तिथियों पर सामूहिक विवाह आयोजन पर प्रत्येक कन्याओं को 51-51 हजार रूपए के लाभ प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाहिक कार्यक्रम से अनावश्यक खर्च पर रोक के साथ अलग आनंद की अनुभूति होती है। इससे समाज को अच्छा और सकारात्मक संदेश भी मिलता है। इसलिए सक्षम लोगों को भी इस पुनीत कार्य में आगे आना चाहिए। मृत्यु अवसरों पर भी दिखावे की प्रवृत्ति से लोगों को बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने गरीब कन्याओं के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के अवसर को सौभाग्य का क्षण बताया और कहा कि इसका साक्षी बनकर मन प्रफुल्लित है। इस भव्य और दिव्य आयोजन में शामिल नवदंपत्तियों को रोजगार का अवसर प्रदान करने के लिए भी कहा। स्थानीय विधायक अरविंद पटेरिया ने स्वागत उद्बोधन दिया और सिद्ध पीठ के माध्यम से विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम की शुरूआत में लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह, चित्र और हल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संतगण, सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक छतरपुर ललिता यादव, बिजावर विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी, पूर्व नपाध्यक्ष अर्चना सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों में डीआईजी विजय खत्री, कलेक्टर पार्थ जैसवाल, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राष्ट के साथ संत, महंत और धर्म के लिए काम कर रहे सीएम: बागेश्वर महाराज
बागेश्वर महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ऐसे राजनेता है जो राष्ट्र के साथ संत, महंत और धर्म को साथ लेकर चल रहे हैं। महाराज श्री ने कहा कि गौ मंदिर का काम और मंदिरों के स्थानीय न्यासों पर मुख्यमंत्री विशेष ध्यान दे रहे हैं। प्रदेश के मुखिया का सहयोग मिलने से धार्मिक संस्थान और बेहतर ढंग से सनातन के लिए कार्य कर पाते हैं।
महाराज श्री ने किया समरसता भोज
मंचीय कार्यक्रम के बाद बागेश्वर महाराज ने सभी समाजों के साथ बैठकर समरसता भोज किया। बागेश्वर महाराज के अलावा देश के जाने-माने कथा वाचक, महापुरुष और संत भी इसमें शामिल हुए। समरसता भोज के माध्यम से सबको यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि हम सब एक हैं। आपसी छुआछूत और ऊंच नीच का भाव समाज में दरार पैदा करता है इसलिए हम सब सिर्फ सनातनी बने रहे।

बागेश्वर धाम में पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के साथ विनोद करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव

बागेश्वर धाम में पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के साथ विनोद करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव
संतों की मौजूदगी में हुआ बागेश्वर धाम गुरुकुलम् का भव्य शुभारंभ
अध्यात्म और सेवा के प्रमुख केंद्र बागेश्वर धाम में आज एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हुई। पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति में गुरुकुलम का भव्य शुभारंभ किया गया, जहाँ बटुकों को वैदिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा और शस्त्र विद्या से भी सुसज्जित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पूज्य भाईश्री (रमेश भाई ओझा) और सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा बागेश्वर धाम पधारे। धाम की गौशाला के समीप पूरी तरह प्राकृतिक परिवेश में तैयार किए गए इस गुरुकुल में प्रथम चरण में 31 बच्चों को प्राचीन भारतीय परंपरा के अनुसार दीक्षित किया जाएगा। बनारस के प्रकांड विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में यहाँ के विद्यार्थी वेदों के साथ-साथ वर्तमान समय की तकनीक और आधुनिक विषयों का भी अध्ययन करेंगे।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पूज्य भाईश्री (रमेश भाई ओझा) ने बेटियों को ईश्वर का अनमोल उपहार बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इंसान जीवन भर जो भी अच्छे काम और पुण्य करता है, भगवान उसके बदले में रसीद के रूप में उसे बेटी देते हैं। बापूजी ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की सराहना करते हुए कहा कि उनके भीतर सिद्धि और सरलता दोनों एक साथ वास करती हैं, जो एक दुर्लभ गुण है। उन्होंने 300 निर्धन कन्याओं के विवाह के इस महायज्ञ को मानवता की सच्ची सेवा बताया। बापूजी ने समाज को संदेश दिया कि दुनिया की इस भीड़ भरी यात्रा में हमें केवल हमसफर नहीं, बल्कि हमदर्द बनना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब एक पिता के बिना बेटी खुद को अकेला महसूस करती है, तब बागेश्वर धाम जैसा समर्थ पिता उसका हाथ थामकर उसे भविष्य के सपने दिखाता है। जो लोग धाम के कार्यों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें यह देखना चाहिए कि यहाँ का पुरुषार्थ बेटियों के घर बसाने में लग रहा है। अंत में उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को सुखी जीवन का मंत्र और आशीर्वाद दिया।
दुनिया के भ्रम दूर कर सनातन की पहचान करा रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री: पंडित प्रदीप मिश्रा
सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में सम्मिलित होकर बेटियों और समाज को मानवता का संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में गुजरात के रमेश भाई ओझा जी और बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का वंदन करते हुए कहा कि यह धाम केवल भूत-प्रेत भगाने की जगह नहीं, बल्कि लोगों के मन के भ्रम दूर कर उन्हें सनातन की सही पहचान दिलाने वाला स्थान है। पंडित मिश्रा ने कहा कि 300 बेटियों का यह विवाह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है।
उन्होंने विदा हो रही बेटियों से अपील की कि वे यहाँ से केवल दहेज और गृहस्थी का सामान लेकर न जाएँ, बल्कि यहाँ से मिले संस्कारों को अपने साथ ले जाएँ। उन्होंने भावुक होकर कहा कि इन बेटियों की गोद से जो संतान जन्म ले, वे उन्हें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जैसा ऊर्जावान और सेवाभावी बनाएँ। उन्होंने समाज के युवाओं को मंत्र देते हुए कहा कि यदि आप किसी निर्धन बेटी की शादी नहीं करा सकते, तो कम से कम किसी भी बेटी को गलत नजर से न देखने का संकल्प लें; यह संकल्प भी एक कन्यादान के पुण्य के बराबर है। जो लोग बागेश्वर धाम के सेवा कार्यों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें यहाँ आकर देखना चाहिए कि कैसे संत समाज अपने संसाधनों का उपयोग बेटियों के घर बसाने, गौ-सेवा और गुरुकुल की स्थापना में कर रहा है। पंडित मिश्रा ने इस पावन आयोजन हेतु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी को साधुवाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामना की।
संतो के कदम से कदम मिलाकर जो नहीं चलेगा इतिहास उनको क्षमा नहीं करेगा: जगतगुरु रामकमल दास महाराज
बनारस से आए जगतगुरु रामकमल दास महाराज ने कहा कि एक संत ही सबको एकजुट कर सकते हैं। संतो के कदम से कदम मिलाकर जो नहीं चलेगा इतिहास उनको क्षमा नहीं करेगा। जगतगुरु महाराज ने कहा कि स्वयं को सर्वश्रेष्ठ कहने वाले पहले स्वयं को देखें। उन्होंने महाराज श्री के ठठरी बांधने की बात को कहा कि यह वैदिक और पौराणिक है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री महाराज हिंदुत्व के रंग में सबको रंग रहे हैं। उनके ऊपर गुरु की कृपा है। जिसे गुरु की कृपा मिलती है उसे किसी की समस्या नहीं होती। इस अवसर पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास महाराज, अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास संजीव कृष्ण ठाकुर, प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल, वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, सांसद बीडी शर्मा, जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह, विधायक ललिता यादव, अरविंद पटैरिया, बबलू शुक्ला, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष बॉबी राजा, प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह सहित बड़ी संख्या में राजनेता उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व, धाम में विशाल पंडाल के नीचे भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन चल रहा है। देशभर से आए कलाकार भजनों और लोक नृत्यों के माध्यम से समां बांध रहे हैं। समूचा धाम परिसर 'राधे-राधे' और 'जय श्री राम' के जयकारों से गुंजायमान है। श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, क्योंकि वे एक साथ अपनी माटी के लाल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मुख्यमंत्री और देश के महान संतों के दर्शन कर पा रहे हैं।
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
12-13 फरवरी की आधी रात को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर महाराज) ने अचानक मोटरसाइकिल से निरीक्षण किया। रात 3:30 बजे वे अन्नपूर्णा मंडप पहुंचे, जहां सैकड़ों महिला-पुरुष सेवादार और कार्यकर्ता लाखों आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी, भंडारे की तैयारियों में लगे थे। महाराज के अचानक पहुंचने से सभी आश्चर्यचकित रह गए।

आधी रात को बुलेट से तैयारियों का जायजा निकले बागेश्वर महाराज
बागेश्वर महाराज हर वर्ष विवाह महोत्सव से एक-दो दिन पहले रात्रि निरीक्षण करते हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और बारातियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो—चाहे प्रसाद, आवास, पेयजल या आवागमन से जुड़ी हो। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समिति को आवश्यक निर्देश दिए, जिसके अनुरूप व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महाराज ने स्वयं भट्टी पर बैठकर पूडिय़ां तलीं और भंडार गृह, प्रसाद वितरण, प्रसाद पाने की व्यवस्थाओं का पैदल भ्रमण कर जायजा लिया। इसके बाद वे मुख्य विवाह मंडप पहुंचे, जहां 300 कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार होना है। यहां मंडप की साज-सज्जा, बैठने की व्यवस्था, आवागमन मार्ग, सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से अवलोकन किया। बगल में लगे 57 कमरों वाले बेटियों के उपहार सामग्री कक्ष में जाकर विवाह हेतु तैयार सामान की जानकारी ली और वीडियो के माध्यम से व्यवस्थाओं को साझा भी किया।

मेहमानों के लिए पूरियां तलते बागेश्वर महाराज
कार्यक्रम के अनुसार, 13 और 14 फरवरी को हल्दी एवं मेहंदी की रस्में संपन्न होंगी, जबकि 15 फरवरी को 300 बेटियों की बारात धाम पहुंचेगी और मुख्य विवाह समारोह होगा। शुक्रवार दोपहर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 300 बेटियों के मंडप का पूजन करेंगे। पूरे धाम में सेवा, समर्पण और आस्था का अद्भुत वातावरण है। यह आयोजन आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण बन रहा है।
13 फ़रवरी 2026 को 01:20 pm बजे
विधायक अरविंद पटेरिया की टीम ने संभाली सेवा की कमान, खिचड़ी और हलवे का वितरण जारी

बागेश्वर धाम में आयोजित भव्य कन्या विवाह महोत्सव में राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया और उनकी टीम सेवा की अनूठी मिसाल पेश कर रही है। महोत्सव में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए विधायक की टीम पूरी तन्मयता के साथ व्यवस्थाएं संभालने और सेवा कार्यों में जुटी हुई है। विधायक प्रतिनिधि मुकेश पांडे के अनुसार, विधायक पटेरिया हर वर्ष इस महोत्सव में सक्रिय सहभागिता निभाते हैं। इस बार टीम द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निरंतर खिचड़ी और गरमा-गरम हलवे के प्रसाद का वितरण किया जा रहा है, जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भारी भीड़ के बावजूद कार्यकर्ता अत्यंत शालीनता और सेवा भाव से व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। धाम में आए दूर-दराज के श्रद्धालुओं ने विधायक और उनके कार्यकर्ताओं के इस समर्पण की सराहना की है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में इस तरह का नि:स्वार्थ सेवा भाव राजनीति से परे हटकर समाज को एक नई दिशा प्रदान करता है।
13 फ़रवरी 2026 को 11:47 am बजे
बागेश्वर धाम पहुंचे बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू
बागेश्वर धाम पहुंचे बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू
13 फ़रवरी 2026 को 11:46 am बजे
बागेश्वर धाम पहुंची विधायक ललिता यादव
बागेश्वर धाम पहुंची विधायक ललिता यादव
13 फ़रवरी 2026 को 11:44 am बजे
बागेश्वर धाम पहुंचे पर राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार का संबोधन
बागेश्वर धाम पहुंचे पर राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार का संबोधन
13 फ़रवरी 2026 को 11:43 am बजे
संजीव कृष्ण महाराज का उद्बोधन
संजीव कृष्ण महाराज का उद्बोधन
13 फ़रवरी 2026 को 10:51 am बजे
बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव में पहुंचे सांसद वीडी शर्मा क्या बोले?
बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव में पहुंचे सांसद वीडी शर्मा क्या बोले?
13 फ़रवरी 2026 को 10:49 am बजे
गुजरात से आये बापूजी बागेश्वर धाम पर कन्या विवाह पर क्या बोले?
गुजरात से आये बापूजी बागेश्वर धाम पर कन्या विवाह पर क्या बोले?
13 फ़रवरी 2026 को 10:42 am बजे
कन्या विवाह महोत्सव में बागेश्वर धाम के मंच से क्या बोले पंडित प्रदीप मिश्रा?
कन्या विवाह महोत्सव में बागेश्वर धाम के मंच से क्या बोले पंडित प्रदीप मिश्रा?
13 फ़रवरी 2026 को 09:31 am बजे
बागेश्वर धाम में 'सनातन वैदिक गुरुकुलम' का हुआ शुभारंभ
बागेश्वर धाम अब केवल आस्था और आरोग्य ही नहीं, बल्कि सनातन वैदिक शिक्षा के केंद्र के रूप में भी विश्व विख्यात होगा। धाम पर भव्य 'सनातन वैदिक गुरुकुल' का शुभारंभ किया गया है, जहाँ देशभर से आए बटुक ब्राह्मणों को प्राचीन वैदिक पद्धतियों के साथ-साथ शास्त्र और शस्त्र की शिक्षा दी जाएगी। गुरुकुल के प्रथम वर्ष में 31 बच्चों का चयन किया गया है। इन्हें वैदिक ज्ञान और कर्मकांड में निपुण बनाने के लिए बनारस के 4 प्रकांड विद्वान आचार्य स्थायी रूप से गुरुकुल में रहकर शिक्षा प्रदान करेंगे। बागेश्वर महाराज का संकल्प है कि आधुनिक युग में भी युवा पीढ़ी अपनी मूल सनातनी संस्कृति और वेदों के ज्ञान से जुड़ी रहे। उद्घाटन के पावन अवसर पर पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ बद्रीनाथ वाले महाराज (जगद्गुरु शंकराचार्य), मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित देश के कई शीर्ष संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने इस पहल को भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
13 फ़रवरी 2026 को 08:39 am बजे
सात राज्यों के 175 जिलों में गठित हो चुके सुंदरकांड मंडल
बागेश्वर महाराज ने विशाल जन समूह को अवगत कराया कि 6 माह पूर्व सुंदरकांड मंडल की केंद्रीय समिति द्वारा गांव-गांव, शहर-शहर जाकर सभी सुंदरकांड मंडलों को बागेश्वर धाम से जोडऩे का जो प्रयास शुरू किया गया वह आज दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि सात राज्यों के 175 जिलों में मंडलों का गठन हो चुका है। 116 महिला सुंदरकांड मंडल भी गठित हुए हैं। हिंदुत्व, हिंदुस्तान और सनातन के लिए यह सुंदरकांड मंडल कार्य करेंगे। माला और भाला के साथ माताएं बहिने भी सनातन की रक्षा के लिए रणचंडी बनकर आगे आएंगी।
13 फ़रवरी 2026 को 08:38 am बजे
देश भर के सुंदरकांड मंडल बनेंगे वानर दूत
बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देशभर में गठित हो रहे बागेश्वर धाम सुंदरकांड मंडल वानर दूत का कार्य करेंगे। किसी भी मंडल को कोई परेशानी होगी तो वानर दूत सूचना मिलते ही पहुंच कर मदद करेंगे। महाराज श्री ने कहा कि एक साथ एक लाख लोग बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें ऐसा भविष्य में प्रयास किया जाए।
13 फ़रवरी 2026 को 08:37 am बजे
कथा एवं अन्य कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
बागेश्वर धाम में आयोजित वैवाहिक सम्मेलन, कथा स्थल सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं के आगमन को दृष्टिगत रखते हुए छतरपुर पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन हेतु पूर्व निर्धारित पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है। मार्गों पर यातायात को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए स्टॉपर एवं बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं तथा आवश्यकतानुसार डायवर्जन व्यवस्था भी लागू की गई है। कार्यक्रम स्थलों एवं मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं एवं जन सामान्य को किसी प्रकार की असुविधा न हो। छतरपुर पुलिस श्रद्धालुओं, जन सामान्य एवं क्षेत्र वासियों से अपील करती है कि निर्धारित पार्किंग स्थलों एवं मार्ग का उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। किसी शिकायत एवं सहायता हेतु छतरपुर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 7049101021 पर संपर्क करें।
13 फ़रवरी 2026 को 08:32 am बजे
महाराज की ओर से सज गए उपहार
बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर एक भव्य कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में 300 गरीब और असहाय बेटियों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा। पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर महाराज) द्वारा इन सभी बेटियों को गृहस्थी बसाने के लिए लगभग 300 लाख (3 करोड़) रुपये की उपहार सामग्री प्रदान की जाएगी। धाम परिसर में इन उपहारों की प्रदर्शनी सज चुकी है, जिसमें टीवी, फ्रिज, अलमारी, बर्तन, बिस्तर और अन्य आवश्यक घरेलू सामान शामिल हैं। विवाह महोत्सव को लेकर धाम में उत्सव का माहौल है। महाराज का संकल्प है कि कोई भी बेटी संसाधन की कमी के कारण विवाह से वंचित न रहे। दूर-दराज से श्रद्धालु इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए धाम पहुँच रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन और धाम समिति ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।
13 फ़रवरी 2026 को 07:06 am बजे
संतों की उपस्थिति में आज शुरू होगा बागेश्वर धाम का गुरुकुलम
छतरपुर। 10 दिवसीय कन्या विवाह महोत्सव का अब वह महत्वपूर्ण समय आ गया जिसके लिए पूरे वर्ष भर तैयारी की जाती है। बागेश्वर धाम के सप्तम कन्या विवाह महोत्सव का आज मंडप है। मंडप के अवसर पर धाम में हल्दी की रस्म की जाएगी। इस रस्म को निभाने के लिए प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव बागेश्वर धाम आ रहे है। आज के ही दिन शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा देने के उद्देश्य से पूज्य संतों की उपस्थिति में गुरुकुलम का शुभारंभ हो रहा है। वैदिक शिक्षा के साथ यहां पढऩे वाले विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से भी अवगत कराया जाएगा।
गुरुकुलम का शुभारंभ करने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक रमेश भाई ओझा एवं प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले बागेश्वर धाम पधार रहे हैं। दोनों प्रख्यात संत पहली बार बागेश्वर धाम आ रहे हैं। गुरुकुलम की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। गौशाला में इसकी शुरुआत होगी। पूरी तरह से प्राकृतिक परिवेश में 31 बच्चों को गुरुकुल परंपरा के तहत शिक्षा दी जाएगी। बनारस के प्रकांड विद्वान आचार्य द्वारा गुरुकुलम के बच्चों को शिक्षित किया जाएगा।
