पटना। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने विभिन्न मुद्दों का जिक्र करके केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तीन भारतीयों को मार दिया गया। 24 भारतीयों पर हमला किया गया और पिछले एक महीने से 100 ज्यादा भारतीय भूखे बैठे हुए हैं। लेकिन, केंद्र सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आता। इतना ही नहीं, नीट और सीबीएसई की परीक्षाओं में विफलता हाथ लगने के बाद भी केंद्र सरकार की ओर से दावा किया जाता है कि हम बहादुर हैं। आखिर ये माजरा क्या है? केंद्र सरकार को इन मामलों से कोई दिक्कत नहीं है। वो कभी सुरक्षा के नाम पर, कभी घर के नाम पर तो कभी ममता बनर्जी के नाम पर मुद्दों को तूल देने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने बिहार से जुड़े मुद्दों का जिक्र करके भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इन लोगों को बिहार नहीं दिखता है, बल्कि दूसरों के घरों में झांकने की आदत हो चुकी है। यही वजह है कि आज की तारीख में बिहार के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी बनी हुई है कि ट्रेन में दिनदहाड़े गोली मार दी जा रही है। अभी खगड़िया में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सासाराम में परसों की बात है कि एक बेटी को दुष्कर्म करके फेंक दिया। मुजफ्फरपुर में एक किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पटना में रोज फायरिंग हो रही है। नवादा में सिर्फ 10 रुपए की वजह से गोली मार दी गई।

उन्होंने ममता बनर्जी पर दर्ज हुई एफआईआर पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, विपक्ष पर एफआईआर हो और उससे राहुल गांधी डर जाए, ये नहीं हो सकता। अब तो स्थिति ऐसी बन चुकी है कि मैं न्यायालय से यह अपील करना चाहूंगा कि वो सभी विपक्षी दलों के खिलाफ केस दर्ज करें और सभी को फांसी की सजा सुना दें। उन्होंने कहा कि इन 12 सालों में केंद्र सरकार ने देश का कुछ नहीं किया है। पंडित जवाहरलाल नेहरू इतने वर्षों तक सत्ता में रहे। वो जेल में भी रहे। 14 हजार करोड़ रुपए दान में दिए। उन्होंने भारत को विश्व में एक नया मुकाम दिलाया।