छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत ढोढ़न बांध निर्माण के चलते प्रभावित ग्रामीणों को भूमि, मकान एवं पुनर्वास पैकेज की राशि मुआवजे के रूप में प्रदान की जा रही है। परियोजना से प्रभावित कई परिवार प्राप्त राशि का सदुपयोग कर अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे ही प्रभावित व्यक्ति भरत दुबे पिता रामविशाल दुबे ने मुआवजे की राशि का सदुपयोग कर अपने परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
भरत दुबे ने बताया कि उनके परिवार के तीन सदस्यों पिता, भाई एवं स्वयं भरत को पुनर्वास पैकेज के तहत पात्रतानुसार प्रति व्यक्ति 12.50 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई है। इस प्रकार परिवार को कुल 37.50 लाख रुपए का पुनर्वास पैकेज मिला। इसके अतिरिक्त भूमि के मुआवजे के रूप में 9 लाख 21 हजार 400 रुपए तथा मकान के 8 लाख 24 हजार 69 रुपए की राशि प्राप्त हुई। इस तरह परिवार को कुल 54 लाख 95 हजार 469 रुपए की राशि प्राप्त हुई है।
बमीठा में कपड़े की दुकान खोलकर व्यवसाय किया स्थापित
भरत दुबे ने बताया कि उन्होंने प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए सबसे पहले बमीठा में नया मकान बनाया। इसके साथ ही कपड़े की दुकान शुरू कर स्वरोजगार की नई शुरुआत की। उन्होंने बताया कि पहले उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और खेती पर आश्रित था। मुआवजे की राशि से उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर मिला है। आज उनका परिवार अपने नए घर और व्यवसाय को लेकर बेहद खुश है।
प्रभावित लोगों से मुआवजा की राशि का सदुपयोग करने की अपील
भरत दुबे ने परियोजना से प्रभावित अन्य ग्रामीणों से अपील की कि उन्हें प्राप्त मुआवजे की राशि का सदुपयोग परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, मकान निर्माण, व्यवसाय एवं स्वरोजगार को बढ़ाने में करें। उन्होंने कहा कि प्राप्त धनराशि का उपयोग किसी भी प्रकार की गलत गतिविधियों में न करते हुए परिवार और आने वाली पीढ़ी का भविष्य बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए।



