छतरपुर। कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में साप्ताहिक टीएल (समय-सीमा) समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों के पुनर्वास, जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन और नागरिक समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, डिप्टी कलेक्टर, सभी एसडीएम, निकायों के सीएमओ एवं जनपद सीईओ सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
विस्थापित बसाहट करौंदिया में तत्काल स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के निर्देश
कलेक्टर मृणाल मीना ने केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों की नवीन बसाहट (ग्राम करौंदिया) में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवीन बसाहट में तत्काल अस्थाई आंगनबाड़ी केंद्र शुरू किया जाए और डॉक्टर की तैनाती के साथ अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था बनाई जाए, जिससे ग्रामीणों को नियमित मेडिकल कैंप की सुविधा मिल सके। बच्चों को स्कूल जाने में सुविधा हो, इसके लिए योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को साइकिल वितरण कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पीएचई को पर्याप्त हैंडपंप लगाने, एमपीईबी को विद्युत आपूर्ति बहाल करने तथा खाद्य विभाग को नियमित राशन आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर सख्त निगरानी रखने को कहा ताकि विस्थापित परिवार अपनी मुआवजे की राशि व्यर्थ न गंवाएं।
श्रमिकों का पेंशन पंजीयन और आंगनबाड़ी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
असंगठित क्षेत्र के कामगारों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी कंस्ट्रक्शन साइटों, नगरीय निकायों और जनपदों में कार्यरत श्रमिकों का 'पीएम श्रम योगी मानधन योजना' में शत-प्रतिशत पंजीयन कराने पर जोर दिया। श्रम निरीक्षक को सभी विभागों से पंजीयन की समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, जनपद सीईओ को शेष प्रगतिरत आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने को कहा गया। एसडीएम को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने का जिम्मा सौंपा गया। वर्षा पूर्व रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य पूर्ण न करने पर कलेक्टर ने जनपद सीईओ लवकुशनगर के प्रति गहरी नाराजगी जताई और कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जनपदों में शिविर लगाकर समग्र ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए।
बिना लाइसेंस संचालित रेस्टोरेंट और मेडिकल स्टोरों पर होगी कड़ी कार्रवाई
खाद्य पदार्थों की शुद्धता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने सीएमएचओ व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों से नियमित सैंपलिंग करने के साथ-साथ बिना लाइसेंस संचालित किचिन और रेस्टोरेंट की जांच कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने को कहा। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोरों की आकस्मिक जांच करने, बिना फार्मासिस्ट के संचालित दुकानों पर कार्रवाई करने तथा प्रतिबंधित व एक्सपायरी दवाओं की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए। एसडीएम को खाद्य व औषधि निरीक्षकों के कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई।
छात्रों की शत-प्रतिशत अपार आईडी और जनविश्वास अभियान पर फोकस
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत 'अपार आईडी' (APAAR ID) तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि छात्र छात्रवृत्ति व अन्य शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित न रहें। डॉक्टरों को निर्देशित किया गया कि वे 'मेडलेपार' पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनबोर्ड रहें और कोई भी पोस्टमार्टम (PM) या एमएलसी रिपोर्ट लंबित न रखी जाए। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत राजस्व अधिकारियों को चलित अदालतें (मोबाइल कोर्ट) लगाकर लंबित प्रकरणों की सुनवाई करने, त्वरित आदेश पारित करने और उनके अमल को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगरीय निकायों के सीएमओ को सड़कों के गड्ढे भरने, जलभराव व अतिक्रमण की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
लापरवाही पर जीएम को नोटिस, अनुपस्थित दो सीएमओ का कटेगा एक दिन का वेतन
प्रशासनिक कार्यों और अदालती आदेशों के पालन में कोताही बरतने पर कलेक्टर ने सख्त अनुशासनात्मक रुख अपनाया। विभागों के न्यायालयीन अवमानना प्रकरणों की समीक्षा के दौरान जीएम पीएमजीएसवाई द्वारा समय पर अपील न करने और आदेश का अनुपालन सुनिश्चित न करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बिना किसी पूर्व सूचना के महत्वपूर्ण टीएल बैठक से अनुपस्थित रहने पर हरपालपुर सीएमओ और महाराजपुर सीएमओ के एक दिवस के वेतन कटौती के आदेश जारी किए गए।



