छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। छतरपुर के विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने नाबालिग बालिका के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट नर्मदांजलि दुबे ने बताया कि विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कविता वर्मा की अदालत ने 24 अगस्त 2026 को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।


मामले की जानकारी देते हुए पैरवीकर्ता अधिकारी विशेष लोक अभियोजक नर्मदांजलि दुबे ने बताया कि आरोपी बृजगोपाल उर्फ हल्के कुशवाहा उम्र 24 वर्ष को भादवि की धारा 363 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 1,000 रुपये अर्थदंड, धारा 366 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व 2,000 रुपये अर्थदंड, तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एल सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इसके अलावा न्यायालय ने पीडि़ता को प्रतिकर स्वरूप 1 लाख रुपये की राशि देने की अनुशंसा भी की है।


यह मामला थाना गढ़ीमलहरा क्षेत्र से संबंधित था। पीडि़ता के पिता ने 18 नवंबर 2023 को थाना गढ़ीमलहरा में अपनी नाबालिग लड़की के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच के दौरान पीडि़ता को दिल्ली से दस्तयाब किया गया। पुलिस उप निरीक्षक नेहा सिंह द्वारा पीडि़ता के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने बताया कि आरोपी बृजगोपाल उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ कई बार गलत काम (बलात्कार) किया। बयानों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।


मामले की विवेचना निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार एवं उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर द्वारा की गई थी। न्यायालय में विचारण के दौरान शासन की ओर से अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों का परीक्षण कराया तथा 36 दस्तावेजों को प्रस्तुत कर प्रमाणित कराया। न्यायालय ने प्रस्तुत मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों और अंतिम तर्कों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।