छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। छिंदवाड़ा शहर में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम की अनदेखी और प्रशासनिक सुस्ती के चलते अब स्थितियाँ बेहद चिंताजनक होती जा रही हैं। ताज़ा मामला शहर के सबसे व्यस्ततम और घनी आबादी वाले मटन मार्केट-राज टॉकीज क्षेत्र का है, जहाँ एक आवारा कुत्ते ने 7 वर्षीय मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के तुरंत बाद घबराए परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र के निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
व्यस्त बाजार में मंडराता खतरा
राज टॉकीज और मटन मार्केट का यह इलाका बेहद घनी आबादी वाला है, जहाँ दिनभर मुख्य बाजार होने के कारण लोगों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे क्षेत्र में आवारा कुत्तों का झुंड हर समय मंडराता रहता है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों में डर का माहौल है।
CM हेल्पलाइन की शिकायतें भी बेअसर
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम और सीएम (CM) हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कुत्तों को पकड़ने या नसबंदी (Animal Birth Control) का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
परिजनों का फूटा गुस्सा, धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
घायल बच्चे के पिता और स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। बच्चे के पिता ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़कर इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया, तो वे नगर निगम कार्यालय के समक्ष उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठते गंभीर सवाल
- जिम्मेदारी किसकी? आज एक 7 साल का मासूम बच्चा शिकार बना है, यदि कल कोई अप्रिय या बड़ी अनहोनी घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
- शिकायतों का क्या? जब आम जनता लगातार शिकायतें दर्ज करा रही है, तो आखिर नगर निगम का स्वास्थ व एनिमल कंट्रोल विभाग किस बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?
- सुरक्षा का संकट: घनी आबादी और सार्वजनिक बाजारों में नागरिकों की बुनियादी सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन का दायित्व है, लेकिन यहाँ स्थिति इसके ठीक उलट नजर आ रही है।
स्थानीय निवासियों ने छिंदवाड़ा कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल डॉग कैचर वाहन भेजकर आवारा कुत्तों को पकड़ा जाए और आवारा पशुओं के नियंत्रण हेतु शहरव्यापी अभियान चलाया जाए।




