मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब मध्यप्रदेश के मंदसौर तक पहुंच गई। मंगलवार शाम एनएसयूआई कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन करने के लिए गांधी चौराहे पर एकत्रित होने वाले थे, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कार्रवाई करते हुए पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ऋतिक पटेल, वर्तमान जिलाध्यक्ष मंथन धनोतिया सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
कार्यकर्ताओं की हिरासत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और समर्थक सिटी कोतवाली थाने पहुंच गए। थाने के बाहर करीब दो घंटे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया तथा हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। मौके पर पहुंचे सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने कांग्रेस नेताओं से चर्चा कर स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद पुलिस ने सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया।
इस बीच राहुल गांधी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा गांधी चौराहे पर पहुंचे। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सत्याग्रह किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने का आरोप लगाया।
वहीं पुलिस का कहना है कि गांधी चौराहा शहर का सबसे व्यस्त यातायात चौराहा है और बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या पुतला दहन नहीं किया जा सकता। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन कार्रवाई की। दिल्ली की घटना के विरोध में शुरू हुआ यह विवाद मंदसौर में सड़क से लेकर थाने तक राजनीतिक टकराव का कारण बन गया।




