भोपाल। मध्य प्रदेश के करीब 4 लाख सरकारी शिक्षकों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में जारी भीषण गर्मी के दौर और शिक्षकों की लगातार आ रही मांगों को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग अब शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 दिन और बढ़ाने जा रहा है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों की छुट्टियों में भी 1 हफ्ते का इजाफा किया जा रहा है, जिसके बाद अब बच्चों के स्कूल 21 जून के बजाय 23 जून से खुलेंगे। स्कूल शिक्षा व परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के विशेष निर्देश पर विभाग के उच्च अधिकारियों ने अवकाश वृद्धि के इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल के अंतिम अनुमोदन के बाद जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक शासकीय आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
विभागीय पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो मध्य प्रदेश में शिक्षकों को पूर्व में पूरे 2 माह यानी 60 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रदान किया जाता था, जिसे बाद के वर्षों में धीरे-धीरे कम करके 40 दिन कर दिया गया था। इसके बाद पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-25 में विभागीय सहमति से इसमें और कटौती की गई, जिसके चलते पिछले साल शिक्षकों को केवल 31 दिन का अवकाश मिला था। इस बार यानी साल 2026 में भी मौजूदा कैलेंडर के अनुसार शिक्षकों को 1 मई से 31 मई तक का ही ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत है, जो आगामी 31 मई दिन रविवार को समाप्त हो रहा है। वहीं बच्चों के लिए यह छुट्टियां 15 जून तक तय की गई थीं। छुट्टी खत्म होने के ठीक 3 दिन पहले विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शिक्षकों की छुट्टियां 15 जून तक करने (15 दिन की वृद्धि) और बच्चों की छुट्टियां 1 हफ्ते आगे बढ़ाते हुए 22 जून तक करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब स्कूल 23 जून से संचालित होंगे। गौरतलब है कि इस ग्रीष्मकालीन अवकाश के अतिरिक्त शिक्षकों को पूरे सालभर में कुल 26 अन्य छुट्टियां भी मिलती हैं।
शिक्षकों की छुट्टियों को आगे बढ़ाए जाने के पीछे एक बड़ा कारण इस बार गर्मियों में भी उनसे लगातार काम लिया जाना रहा है। आधिकारिक तौर पर शिक्षकों का अवकाश 1 मई से घोषित था, लेकिन इसी अवधि के दौरान 7 मई से 10वीं और 12वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की गईं, जो 27 मई तक अनवरत चलीं। इसके साथ ही 9वीं व 11वीं की स्थानीय दूसरी परीक्षाएं और उनका मूल्यांकन कार्य भी इसी दौरान संपन्न हुआ, जबकि मुख्य बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य भी 29 जून से शुरू होने जा रहा है। वर्तमान में चल रही राष्ट्रीय जनगणना के कार्य में भी अधिकांशतः स्कूली शिक्षकों की ही ड्यूटियां लगाई गई हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी शिक्षकों से नए विद्यार्थियों के दाखिले (प्रवेश प्रक्रिया), मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन और विभागीय शिक्षक प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में काम लिया जाता रहा है। इस कारण धरातल पर शिक्षकों को इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश का वास्तविक लाभ नहीं मिल सका था और उनकी छुट्टियां काम करते हुए ही बीत रही थीं।
इस विसंगति को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश शिक्षक संघ सहित कई अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से प्रत्यक्ष मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपे थे। मप्र शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष छत्रवीर सिंह राठौर, शिववीर सिंह भदौरिया, संजय अवस्थी, मुकेश शर्मा और सतीश शर्मा जैसे प्रमुख शिक्षक नेताओं ने मंत्री को अवगत कराया था कि छुट्टियों के दौरान लगातार ड्यूटी होने से शिक्षकों को आराम नहीं मिल पाया है, इसलिए अवकाश अवधि बढ़ाई जाए। यदि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किसी शिक्षक को अनिवार्य शासकीय कार्य पर बुलाया जाता है, तो नियमानुसार संबंधित जिले के कलेक्टर 1 वर्ष में अधिकतम 15 दिन और विभागाध्यक्ष अधिकतम 30 दिन का अर्जित अवकाश (EL) स्वीकृत कर सकते हैं, जिसके लिए संकुल प्राचार्यों को शिक्षक ऐप और एजुकेशन पोर्टल के मॉड्यूल पर वांछित अभिलेख अपलोड करने होते हैं। मामले में स्वयं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा है कि शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जून और बच्चों का 22 जून तक बढ़ाया जा रहा है, जिसके लिए अधिकारियों को नीतिगत प्रस्ताव बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं और जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग जाएगी।



