नई दिल्ली। एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स शुक्रवार को अमेरिकी टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक पर आईपीओ के जरिए रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर जुटाने के बाद लिस्ट हो गई है। इसके साथ ही, मस्क दुनिया के पहले ट्रिलेनियर बनने की और करीब पहुंच गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक, स्पेस एक्स की लिस्टिंग के बाद एलन मस्क की संपत्ति करीब 971 अरब डॉलर हो गई है। इसमें बीते 24 घंटे में 274 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। इस साल की शुरुआत से अब तक उनकी संपत्ति में 351 अरब डॉलर का उछाल आ चुका है।
एलन मस्क की अगुवाई वाली एयरोस्पेस और सैटेलाइट कंपनी स्पेस एक्स ने आईपीओ में अपने शेयरों की कीमत 135 प्रति शेयर तय की थी, जिससे उसका वैल्यूएशन लगभग 1.77 ट्रिलियन डॉलर हो गई। इसे इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है। कंपनी 'एसपीसीएक्स' टिकर सिंबल के तहत ट्रेड कर रही है।
रेगुलेटरी फाइलिंग से पता चलता है कि मस्क के पास 849.49 मिलियन क्लास ए शेयर और 5.57 बिलियन क्लास बी शेयर हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 6.42 बिलियन शेयर होते हैं।
स्पेस एक्स के डुअल-क्लास शेयर स्ट्रक्चर की वजह से, कंपनी की वोटिंग पावर का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा मस्क के पास है; क्लास बी शेयरों में हर शेयर पर दस वोट मिलते हैं, जबकि क्लास ए शेयर पर एक वोट मिलता है।
2002 में शुरू हुई स्पेस एक्स ने दोबारा इस्तेमाल होने वाले फाल्कन 9 और फाल्कन हैवी रॉकेट, ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट और गहरे अंतरिक्ष की खोज के लिए महत्वाकांक्षी स्टारशिप प्रोग्राम को विकसित करके ग्लोबल स्पेस इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव किया है।
कंपनी ने अपने सैटेलाइट इंटरनेट बिजनेस, स्टारलिंक के जरिए भी तेजी से विस्तार किया है, जो आय में बढ़ोतरी और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाने में एक बड़ा योगदानकर्ता बन गया है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि यह लिस्टिंग पब्लिक मार्केट के लिए एक अहम मोड़ साबित होगी। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि इस सफल लिस्टिंग से आने वाले महीनों में दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी और प्राइवेट कंपनियों को भी पब्लिक ऑफरिंग लाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

