नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) इनफ्लो जून में तीन महीनों के उच्चतम स्तर 31,781 करोड़ रुपए रहा है। इसमें मासिक आधार पर 3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। इससे पहले मई में एसआईपी इनफ्लो 30,954 करोड़ रुपए पर था। पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 27,269 करोड़ रुपए पर था।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से जारी डेटा में कहा गया कि जून में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में इनफ्लो 3,443.23 करोड़ रुपए रहा है, जबकि मई में 725.04 करोड़ रुपए की निकासी (आउटफ्लो) देखी गई थी।

इस दौरान अन्य ईटीएफ में 13,237 करोड़ रुपए का निवेश आया। वहीं, इंडेक्स फंड्स में 58 करोड़ की निकासी देखी गई।

इसके अतिरिक्त,डेट म्यूचुअल फंड्स से निकासी का सिलसिला जारी है। जून में आउटफ्लो करीब 1.09 लाख करोड़ रुपए रहा है, जबकि मई में यह राशि 96,948 करोड़ रुपए थी।

डेट म्यूचुअल फंड्स की 16 कैटेगरी में से सबसे अधिक 42,293 करोड़ रुपए की निकासी लिक्विड फंड्स में देखी गई है। इसमें 16,484.01 करोड़ रुपए की निकासी के साथ लो ड्यूरेशन फंड्स दूसरे और 10,595 करोड़ रुपए की निकासी के साथ मनी मार्केट्स फंड्स तीसरे स्थान पर थे।

जून में इक्विटी के तहत मिडकैप फंड कैटेगरी में 6,090 करोड़ रुपए, स्मॉलकैप फंड्स में 5,602 करोड़ रुपए का और फ्लेक्सी कैप फंड्स में 5,231 करोड़ रुपए का निवेश आया है।

वहीं, जून में मल्टीकैप फंड्स में 3,070 करोड़ रुपए, लार्जकैप फंड्स में 2,067 करोड़ रुपए, लार्ज एवं मिडकैप फंड्स में 4,321 करोड़ रुपए, वैल्यू फंड्स/कॉन्ट्रा फंड्स में 686 करोड़ रुपए, फोकस्ड फंड्स में 1,118 करोड़ रुपए और सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स में 1,469 करोड़ रुपए का निवेश आया है।

जून के आखिर में इंडस्ट्री की कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 82.22 लाख करोड़ रुपए थी, जबकि म्यूचुअल फंड फोलियो की कुल संख्या बढ़कर 27.86 करोड़ हो गई।