पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सिंधु जल संधि, ईरान-अमेरिका तनाव, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की रैली में कथित तौर पर अंडे फेंके जाने की घटना, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कई मामलों में केंद्र सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए।

सिंधु जल संधि को लेकर मनोज झा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच के संवेदनशील मुद्दों पर धमकी वाली भाषा का प्रयोग उचित नहीं है। इस विषय पर वही सक्षम और अधिकृत संस्थाएं निर्णय लेने में सक्षम हैं, जिन्हें इसकी संवैधानिक और कूटनीतिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी का भी आशय यही था कि इस तरह के मामलों का समाधान संबंधित सक्षम प्राधिकरणों के माध्यम से होना चाहिए।

ईरान-अमेरिका विवाद पर मनोज झा ने कहा कि इस संघर्ष को केवल दोनों देशों के बीच का विवाद कहना पूरी तस्वीर को नहीं दर्शाता। उन्होंने आरोप लगाया कि युद्धविराम के उल्लंघन के मामलों में अमेरिका और इजरायल की भूमिका भी रही है। यदि फरवरी के अंतिम सप्ताह से घटनाक्रम का अध्ययन किया जाए तो एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई देता है। इस तरह की घटनाएं वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं और इससे उत्पन्न होने वाली अस्थिरता का सामना करना किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं होगा।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में कथित तौर पर अंडे फेंके जाने की घटना को मनोज झा ने भारतीय लोकतांत्रिक संस्कृति के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में इस तरह की घटनाएं पहले सामान्य नहीं थीं और इन्हें किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। जो लोग इसे जनता का आक्रोश बता रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि दिशाहीन आक्रोश कभी भी किसी के खिलाफ मुड़ सकता है। उन्होंने कई चुनाव देखे हैं, जीत-हार दोनों देखी हैं, लेकिन लोकतंत्र में इस तरह की तस्वीरें लोकतांत्रिक मूल्यों को शर्मसार करती हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिन पर गंभीर सवाल उठे हैं और उन्होंने आने वाले समय में अयोध्या से जुड़े भूमि मामलों का भी खुलासा होने का दावा किया। राजद सांसद ने कहा कि वर्तमान समय में सार्वजनिक विमर्श का ध्यान छोटे मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है, जबकि बड़े मामलों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही। समय आने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे।

तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों में कथित तौर पर लगभग 440 करोड़ रुपए फ्रीज करने की ईडी की कार्रवाई पर मनोज झा ने केंद्रीय एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले राजनीतिक दलों के संदर्भ में इस तरह की कार्रवाई बहुत कम देखने को मिली है। प्रवर्तन निदेशालय स्वतंत्र एजेंसी की तरह नहीं बल्कि भाजपा के राजनीतिक हितों के अनुरूप काम कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की दल-बदल की राजनीति को बढ़ावा मिला है और इससे लोकतांत्रिक जनादेश प्रभावित हो रहा है।