शाहगढ़ दीप शिखा हत्याकांड: 5 दिन बाद भी आरोपी फरार, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

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शाहगढ़,पुष्पेंद्र राय।शाहगढ़ के बहुचर्चित दीप शिखा हत्याकांड में घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी शाहगढ़ पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस लगातार मुख्य आरोपी की तलाश और संभावित ठिकानों पर दबिश देने के दावे कर रही है, लेकिन अब तक न तो गिरफ्तारी हो सकी है और न ही आरोपी का स्केच या फोटो सार्वजनिक किया गया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस हत्या का खुलासा कर मुख्य आरोपी का नाम घोषित कर चुकी है, तो पहचान में मदद के लिए अब तक स्केच जारी क्यों नहीं किया गया।
सूत्रों के अनुसार हत्या का आरोप मृतका दीप शिखा के मौसेरे भाई सुशील आठ्या पर है, जो जबलपुर के पनागर का निवासी बताया जा रहा है। बताया गया कि दोनों ने दमोह में साथ पढ़ाई की थी और पढ़ाई के दौरान आरोपी मृतका को पसंद करने लगा था। बाद में दीप शिखा की नौकरी शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगने के बाद दोनों के बीच दूरी बढ़ती गई। इसी दौरान दीप शिखा की नजदीकियां शाहगढ़ निवासी इमरान खान से बढ़ने लगीं और कुछ समय पहले उसकी शादी भी तय हो गई थी, जिसे लेकर आरोपी नाराज था।
मामले में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले और बाद में मृतका के मोबाइल पर आखिरी कॉल इमरान खान की थी। इमरान खान घटना से पहले से लेकर बाद तक घटनास्थल पर मौजूद रहा, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया। सीसीटीवी की ऑडियो रिकॉर्डिंग में यह सामने आया है कि गोली चलने से 10–15 सेकंड पहले दीप शिखा मदद के लिए चिल्ला रही थी, जिसके बाद आरोपी ने दो गोलियां मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 10 महीने पहले भी आरोपी शाहगढ़ आया था और एक ढाबे पर काम कर रहा था। उस समय मृतका और उसके परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी उसे परेशान कर रहा है, लेकिन पुलिस ने कथन दर्ज कर ठोस कार्रवाई करने की बजाय आरोपी को समझाइश देकर छोड़ दिया। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या उस समय की पुलिस लापरवाही ही आज की इस जघन्य हत्या की वजह बनी।
स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि बिना ठोस सबूत, सीसीटीवी फुटेज या प्रत्यक्षदर्शी के सिर्फ कथनों के आधार पर जल्दबाजी में खुलासा किया गया, ताकि जनआक्रोश और चक्काजाम को शांत किया जा सके। दीप शिखा भले ही इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन वह अपने पीछे ऐसे सवाल छोड़ गई है, जिनके जवाब अब पुलिस और प्रशासन को देने होंगे।
