छतरपुर (संदीप यादव)। नौतपा की भीषण तपिश और झुलसा देने वाली गर्म हवाएं अब मासूम जिंदगियों को लीलने लगी हैं। छतरपुर जिले के हरपालपुर क्षेत्र से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला और बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहाँ एक मां और उसके ६ साल के मासूम बेटे को बेरहम मौत ने एक साथ अपने आगोश में ले लिया। लू की चपेट में आने से जहाँ मां की आंखों के तारे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, वहीं कलेजे के टुकड़े की मौत का यह खौफनाक सदमा एक मां का ममतामयी दिल बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में मां-बेटे की इस तरह हुई अचानक मौत से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरपालपुर निवासी रजिया खातून (40 वर्ष) पति सोभान अहमद का ६ वर्षीय बेटा हसनैन अहमद शनिवार दोपहर अचानक तेज धूप और लू की चपेट में आ गया था। मासूम के मामा मोहम्मद सलीम ने रुंधे गले से बताया कि दोपहर करीब तीन बजे बच्चे ने अचानक पेट में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत की थी। परेशान मां ने तुरंत उसे हरपालपुर के स्थानीय डॉक्टर को दिखाया, लेकिन जब हसनैन की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो ममता की मारी मां तड़पते हुए बच्चे को लेकर आनन-फानन में नौगांव के अस्पताल भागी। नौगांव में डॉक्टरों ने बच्चे की अत्यंत गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल छतरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।


दुखों का पहाड़ तो तब टूटा जब एम्बुलेंस छतरपुर की तरफ दौड़ रही थी। रास्ते में झुलसा देने वाली तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मासूम हसनैन के शरीर ने काम करना बंद कर दिया और उसकी पल्स (नब्ज) धीरे-धीरे पूरी तरह गिर गई। अपनी गोद में तड़पते और दम तोड़ते बच्चे को देख मां रजिया खातून चीख उठी। मां ने लाख पुकारा, लेकिन हसनैन की सांसें हमेशा के लिए थम चुकी थीं। ६ साल के लाडले का निष्प्राण शरीर हाथों में आते ही रजिया खातून को ऐसा गहरा मानसिक आघात लगा कि उनका अपना दिल भी इस असहनीय दर्द को झेल नहीं पाया। जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जब दोनों का परीक्षण किया, तो मां और बेटे दोनों को ही मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के गलियारे गवाह बने कि एक मां अपने बच्चे को बचाने तो निकली थी, लेकिन जब बच्चा ही नहीं रहा, तो वह भी इस दुनिया को अलविदा कह गई।


पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गूंजी चीखें, पूरे गांव में पसरा मातम

इस खौफनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का ऐसा सैलाब आया है कि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि दोपहर तक जो मां-बेटा हंसते-खेलते घर में मौजूद थे, शाम होते-होते उनकी अर्थियां सजने की नौबत आ गई। रविवार सुबह छतरपुर जिला अस्पताल में दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। हरपालपुर और नौगांव पुलिस इस पूरे मामले की वैधानिक जांच में जुटी हुई है। हालांकि शुरुआती तौर पर मौत की वजह भीषण लू और उससे लगा गहरा सदमा ही माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। बहरहाल, इस दर्दनाक घटना ने पूरे छतरपुर जिले को झकझोर कर रख दिया है।