नई दिल्ली, 26 मई । ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने मंगलवार को कहा कि क्वाड देश चाहते हैं कि यह समूह 'मजबूत और असरदार' बने ताकि वे मिलकर काम करते रहें और अपनी गति बनाए रखें। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र 'मुक्त, खुला, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध' होना चाहिए।
नई दिल्ली में मंगलवार को हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शुरुआती बयान देते हुए पेनी वोंग ने कहा, “हम चार संप्रभु देश हैं। हमारा अपना-अपना इतिहास है, अपने-अपने हित हैं लेकिन हमारे हितों में काफी समानता है। हम सभी इंडो-पैसिफिक के लिए एक साझा दृष्टि रखते हैं। एक ऐसा क्षेत्र जो मुक्त और खुला हो, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हो। हम सभी अपनी-अपनी खास समझ, अनुभव और ताकत लेकर मिलकर काम करते हैं ताकि ऐसा क्षेत्र बनाया जा सके।”
उन्होंने कहा कि क्वाड के रूप में हमने ठोस नतीजे दिए हैं, खासकर जब हमने प्राकृतिक आपदाओं पर प्रतिक्रिया दी है। हमने म्यांमार में आए भूकंप या पापुआ न्यू गिनी में हुए भूस्खलन जैसी घटनाओं से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मिलकर काम किया है।
“हमने अहम बुनियादी ढांचे, जैसे समुद्र के नीचे बिछी केबलो, पर भी सहयोग किया है। समुद्री सुरक्षा और जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के क्षेत्र में भी हमने साथ काम किया है। हम सभी चाहते हैं कि क्वाड जितना हो सके उतना मजबूत और असरदार बने, और इसका फोकस परिणाम देने पर रहे। हम इसकी रफ्तार बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यही वह भविष्य है जो हम अपने क्षेत्र के लिए चाहते हैं। एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध क्षेत्र, और आज हम उसी दिशा में काम आगे बढ़ा रहे हैं।”
विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भारत की भूमिका की भी तारीफ की और इस बैठक को अहम बताया।
उन्होंने कहा, “हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मिल रहे हैं, और भारत एक ऐसा देश है जो इंडो-पैसिफिक और दुनिया को आकार देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सचिव रुबियो के लिए पेनी वोंग ने कहा, आपने पद संभालने के बाद क्वाड में जो नेतृत्व दिखाया है, हम उसकी सराहना करते हैं। आपकी पहली बैठकों में से एक क्वाड की बैठक थी, और मंत्री मोतेगी शुरू से ही इसमें जुड़े हुए हैं, यानी वे क्वाड के शुरुआती मंत्रियों में से एक हैं, उनके नेतृत्व के लिए भी धन्यवाद।”
2025 में वॉशिंगटन में हुई क्वाड बैठक का जिक्र करते हुए, वोंग ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की उस बात को याद किया जिसमें उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और संप्रभु हितों को लेकर 'चुनाव की स्वतंत्रता' बनाए रखने की बात कही थी।
पेनी वोंग ने कहा, “मैं एक बात से शुरुआत करना चाहती हूं जो जयशंकर ने वॉशिंगटन में हमारी पिछली क्वाड बैठक में कही थी। आपने ‘विकल्प’ और इस बारे में बात की थी कि हम साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि इंडो-पैसिफिक और उसके देशों को अपनी सुरक्षा और अपने संप्रभु हितों के बारे में खुद निर्णय लेने की आजादी मिले, विकास के बारे में अपनी पसंद चुनने की आजादी मिले और उस भविष्य को तय करने की आजादी मिले जो हम सब साझा करते हैं। और यही बात ऑस्ट्रेलिया के लिए क्वाड में जुड़ने का आधार है।”
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि यह साझेदारी और यह बैठक ऑस्ट्रेलिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है, क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, और इसलिए दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण है। हम सभी समझते हैं कि आज हम ऐसे क्षेत्र में मिल रहे हैं जो दबाव में है। यहां आपसी होड़ तेज़ी से बढ़ रही है, रणनीतिक माहौल बिगड़ रहा है, और गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

