श्योपुर/उत्तम राव। एसडीएम न्यायालय श्योपुर में पदस्थ बाबू प्रकाश कोटिया पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और वकीलों के कार्य में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अभिभाषक संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारी न्यायालयीन प्रक्रियाओं में अनुचित हस्तक्षेप कर न केवल वकीलों के अधिकारों का हनन कर रहा है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।
जिला अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों ने शिकायती आवेदन में आरोप लगाया कि धारा 151 के मामलों में बाबू प्रकाश कोटिया स्वयं जमानत कराने का कथित ठेका लेता है तथा सीधे पक्षकारों और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर अवैध रूप से लेन-देन करता है। संघ का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों के कारण अधिवक्ताओं की भूमिका प्रभावित हो रही है और आमजन का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ रहा है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें संबंधित बाबू कथित रूप से कार्यालय में बैठे हुए कुछ लोगों से रुपए लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पैसों के लेन-देन को लेकर बातचीत भी सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता और समयावधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह वीडियो पुराने एसडीएम कार्यालय का है। इसके बावजूद बार एसोसिएशन ने इसे अपने आरोपों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अभिभाषक संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोष सिद्ध होने पर संबंधित कर्मचारी को शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वकील समुदाय कलेक्टर कार्यालय के समक्ष उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

