छतरपुर/नौगंव, कमल यादव। छतरपुर जिले के नौगांव शहर की सीताराम कॉलोनी, जेल कॉलोनी, गायत्री कॉलोनी एवं शिकारपुरा रोड क्षेत्र के रहवासियों ने बीती शाम एक प्रेस वार्ता आयोजित कर आर्मी कैंट क्षेत्र के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि आर्मी क्षेत्र से सटी राजस्व भूमि पर अपनी वैध जमीनों पर निर्माण कार्य कराने के दौरान उन्हें अनावश्यक रूप से प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है।


प्रेस वार्ता में स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जब वे राजस्व अभिलेखों, नगर पालिका की वैध अनुमति तथा न्यायालय के आदेशों के आधार पर अपने मकानों का निर्माण कराते हैं, तब कुछ आर्मी अधिकारी बिना किसी ठोस आधार के निर्माण कार्य रुकवाने पहुंच जाते हैं। रहवासियों का आरोप है कि उन्हें जेसीबी से निर्माण तोड़ने की धमकी दी जाती है और उन पर मानसिक दबाव बनाया जाता है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस, एसडीएम और जिला प्रशासन को भी शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला है।


पीड़ित नागरिकों ने कहा कि उन्होंने जीवनभर की गाढ़ी कमाई से लाखों रुपये के प्लॉट खरीदे हैं और कई लोगों की तो दीवारें भी खड़ी हो चुकी हैं। ऐसे में निर्माण रुकने से वे बर्बाद होने की कगार पर हैं। रहवासियों ने साफ किया कि वे भारतीय सेना का दिल से सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ अधिकारी उनके साथ गलत कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में कुछ अधिकारियों पर पैसे के लेनदेन की बात करने और कुछ लोगों से पैसे लेने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नागरिकों ने देश के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने तथा अपनी निजी राजस्व भूमि पर वैधानिक रूप से किए जा रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


गौरतलब है कि नौगांव का एक बड़ा हिस्सा आर्मी कैंट क्षेत्र से लगा हुआ है और भूमि अधिकारों को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। इस पूरे मामले में पक्ष जानने के लिए आर्मी के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका।