इंदौर, रविकांत वर्मा। खजराना थाना क्षेत्र के तपेश्वरी बाग में 26 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में मिले युवती के जले हुए शव के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि युवती की हत्या उसके प्रेमी ने शादी से इंकार करने पर गला घोंटकर की थी। वारदात के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने और घटना को आत्महत्या या हादसे का रूप देने के उद्देश्य से शव को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को तपेश्वरी बाग में एक महिला का जला हुआ शव मिलने की सूचना पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन एफएसएल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की आशंका सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में खजराना थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मृतका के संपर्कों की गहन जांच की।


जांच के दौरान पुलिस को मृतका के करीबी मित्र मयंक शाक्य पर संदेह हुआ। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी मयंक शाक्य, निवासी डबरा, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह स्नातक है और इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। उसका मृतका से पिछले पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। जब युवती ने शादी करने से इंकार कर दिया तो वह आवेश में आ गया और उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने और सबूत नष्ट करने के इरादे से शव को आग लगा दी।


खजराना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।