भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में भारी हंगामे, नारेबाजी और तीखी नोक-झोंक के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल सर्वसम्मति से पास हो गया। विपक्ष के भारी विरोध और हंगामे के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए विधेयक को पारित घोषित कर दिया।
सदन पटल पर बिल आते ही विपक्ष का हमला, प्रवर समिति को भेजने की मांग खारिज
सत्र की शुरुआत में ही राज्य सरकार द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल को चर्चा के लिए सदन के पटल पर रखा गया। बिल पेश होते ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह हमलावर हो गया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील कानून पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने बिल को विस्तृत अध्ययन और समीक्षा के लिए प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजने की मांग रखी। हालांकि, सत्ता पक्ष ने विपक्ष की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया, जिससे सदन में गतिरोध और गहरा गया।
वेल में पहुंचे कांग्रेस विधायक, दो बार स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
प्रवर समिति में बिल भेजने की मांग खारिज होने से नाराज कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के वेल (गर्भगृह) में उतर आए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। जवाब में भाजपा विधायक और मंत्री बिल पर तुरंत चर्चा कराकर उसे पारित कराने की जिद पर अड़े रहे।
सदन में दोनों पक्षों के बीच बढ़ते गतिरोध और भारी अव्यवस्था को देखते हुए अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा:
प्रथम स्थगन: 10 मिनट के लिए
द्वितीय स्थगन: 15 मिनट के लिए
सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने के बाद भी जब हंगामा शांत नहीं हुआ, तो अध्यक्ष ने शोर-शराबे के बीच ही विधायी प्रक्रियाओं को पूरा कराते हुए यूसीसी बिल को पास घोषित कर दिया।




