सागर। सागर संभाग के शासकीय विद्यालयों और कार्यालयों में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पर्वों के दौरान स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। आयुक्त सागर संभाग एवं प्रशासक बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित सागर, श्री अनिल सुचारी ने संभाग के सभी जिलों के लिए निर्देश जारी किए हैं कि आगामी 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस) और 26 जनवरी 2027 (गणतंत्र दिवस) के समारोहों में बच्चों को मिठाई के रूप में केवल "सांची पेड़ा" ही बांटा जाएगा।


अमानक मिठाइयों और फूड पॉइजनिंग की शिकायतों पर बड़ा फैसला

आयुक्त कार्यालय से जारी आधिकारिक आदेश पत्र के अनुसार, प्रतिवर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर विभिन्न स्कूलों और शासकीय संस्थाओं में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान छात्र-छात्राओं को बांटने के लिए खुले बाजार से मिठाइयां और नाश्ता खरीदा जाता था।कई बार अमानक और मिलावटी मिठाइयों की आपूर्ति के कारण बच्चों में 'फूड पॉइजनिंग' (खाद्य विषाक्तता) जैसी गंभीर शिकायतें सामने आती थीं, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता था। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने और बच्चों को शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण मिठाई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।


संभाग के सभी 6 जिलों में लागू होगा आदेश

प्रशासनिक आदेश के तहत सागर संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी छह जिलों सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना एवं निवाड़ी के समस्त शासकीय विद्यालयों, आश्रम शालाओं और शासकीय कार्यालयों में यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू रहेगी। समारोहों के दौरान केवल बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, सागर द्वारा निर्मित शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण "सांची पेड़ा" का वितरण ही किया जाएगा।


स्वास्थ्य सुरक्षा और लोकल ब्रांड को बढ़ावा

प्रशासन के इस निर्णय से एक ओर जहां स्कूली बच्चों को मिलावटी मिठाइयों से सुरक्षा मिलेगी और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के अपने विश्वसनीय ब्रांड 'सांची' और सहकारी दुग्ध संघ को भी सीधा प्रोत्साहन मिलेगा। शिक्षा विभाग और संबंधित जिलाधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।