सागर। मध्य प्रदेश में सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों और बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों की मौतों व गंभीर बीमारियों के मामलों ने तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) मध्य प्रदेश ने राज्य सरकार की प्रशासनिक व स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों मामलों में सरकार से तत्काल जवाबदेही तय करने और दोनों उपमुख्यमंत्रियों—राजेंद्र शुक्ल एवं जगदीश देवड़ा के इस्तीफे की मांग की है।


सागर शराब कांड: 23 जुलाई को ही दे दी गई थी चेतावनी

समाजवादी पार्टी ने खुलासा किया कि सागर जिले में जहरीली शराब से आधिकारिक तौर पर 12 मौतों और करीब 84 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने से काफी पहले ही प्रशासन को चेताया गया था। सपा के सागर जिलाध्यक्ष राजेश अठिया ने 23 जुलाई को सागर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में बिक रही अवैध व जहरीली शराब की जानकारी दी थी। सपा ने सवाल उठाया है कि यदि उस ज्ञापन पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो आज इतनी बड़ी जनहानि न होती। पार्टी ने शराब के पूरे सप्लाई नेटवर्क और ललितपुर (यूपी) से शराब आने के दावों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल और प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल के प्रशासनिक संबंधों पर भी राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं।


बालाघाट: बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 30 बच्चों की मौत की खबर से हड़कंप

दूसरी ओर, बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल गांवों में बीमारियों से लगभग 30 बच्चों की मौत के मामले को सपा ने बेहद चिंताजनक बताया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित गांवों से 152 मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि 2,780 लोगों की जांच में 236 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई। सपा ने मलेरिया के साथ-साथ कुपोषण, दूषित पेयजल, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता और समय पर इलाज न मिलने को इन मौतों का जिम्मेदार ठहराया है।


समाजवादी पार्टी की प्रमुख मांगें

प्रशासनिक और आबकारी लापरवाही की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री व उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल तथा आबकारी विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पद से इस्तीफा दें। सागर के बंडा शराब कांड की निष्पक्ष जांच हो और 23 जुलाई को दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। सागर कलेक्टर, एसपी, बंडा एसडीएम और तहसीलदार की भूमिका की जांच कर कड़ी कार्रवाई हो। प्रभावित बैगा आदिवासी क्षेत्रों में तत्काल मेडिकल कैंप लगाए जाएं, बच्चों के पोषण व इलाज की व्यवस्था हो, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए। सपा ने स्पष्ट किया है कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं बल्कि आम जनता की जिंदगी और सरकार की सीधी जवाबदेही का है, इसलिए सरकार को आंकड़ों से परे हटकर धरातल पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।