मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से सटे धौलपुर सीमा क्षेत्र में रविवार की शाम एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला बड़ा ट्रेन हादसा सामने आया है। सफर के दौरान ट्रेन के भीतर फैली 'मोबाइल ब्लास्ट' की एक झूठी अफवाह और खौफ के कारण चार यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। दरअसल, अफवाह से घबराकर चलती ट्रेन से नीचे रेलवे ट्रैक पर उतरे उत्तर प्रदेश के चार यात्री दूसरी तरफ से आ रही एक अन्य तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। इस भीषण हादसे में चारों यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद रेल महकमे और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे में जान गंवाने वाले चारों मृतक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान आगरा के रुनकता निवासी 60 वर्षीय शकुंतला देवी, आगरा निवासी आफरीन (35 वर्ष) पत्नी नदीम खान, उनका 4 वर्षीय मासूम बेटा असद खान और मेरठ निवासी 25 वर्षीय कंचन सिंह के रूप में हुई है। हादसे का शिकार हुईं आफरीन और असद आपस में मां-बेटे थे, जो इस वीभत्स घटना का शिकार हो गए। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है।
चेन पुलिंग के बाद फैली 'मोबाइल ब्लास्ट' की अफवाह
रेलवे प्रबंधन और उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के झांसी मंडल से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड के बीच सेक्शन में रविवार शाम करीब 4:15 बजे घटित हुई। गाड़ी संख्या- 19665 (खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस) अपने निर्धारित समय से आगे बढ़ रही थी, तभी हेतमपुर और धौलपुर स्टेशनों के बीच अचानक किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कर दी। चेन पुलिंग होने के कारण इंटरसिटी एक्सप्रेस बीच सेक्शन में ही झटके के साथ रुक गई।
ट्रेन के रुकते ही कोच के भीतर किसी अज्ञात शख्स ने अफवाह फैला दी कि ट्रेन के एक डिब्बे में मोबाइल ब्लास्ट (बैटरी धमाका) हो गया है और आग लग गई है। इस झूठी खबर से पूरी ट्रेन के भीतर चीख-पुकार और भयानक दहशत का माहौल निर्मित हो गया। यात्री अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर खिड़कियों और दरवाजों से नीचे कूदने लगे। बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रही एक प्रत्यक्षदर्शी महिला यात्री पूजा ने बताया कि मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलते ही कोच में भारी अफरा-तफरी मच गई थी और लोग बिना सोचे-समझे नीचे की तरफ भागने लगे।
अप-लाइन ट्रैक पर पहुंचे और पातालकोट एक्सप्रेस ने कुचला
घबराहट में उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के कोच से नीचे उतरे कई यात्री पास से गुजर रही 'अप-लाइन' के रेलवे ट्रैक पर जाकर खड़े हो गए। यात्रियों को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसी समय अप-लाइन ट्रैक पर गाड़ी संख्या- 20424 (फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस) बेहद तेज रफ्तार में आ रही थी।
पलक झपकते ही हुआ हादसा: ट्रैक पर अफरा-तफरी के बीच खड़ी दो महिलाएं, एक युवती और एक मासूम बच्चा पातालकोट एक्सप्रेस की सीधी चपेट में आ गए। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि चारों यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनके चिथड़े उड़ गए।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू
इस खौफनाक हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और मुरैना व धौलपुर का स्थानीय प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने घटना के संबंध में बताया कि जिला पुलिस की टीमें सराय छोला और सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण पर कार्रवाई कर रही थीं, तभी एक ग्रामीण चरवाहे ने पुलिस को पटरी पर ट्रेन रुकने और हादसे की सूचना दी।
सूचना मिलते ही दोनों थानों की पुलिस टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना की गईं। चूंकि यह घटना धौलपुर (राजस्थान) और मुरैना (मध्य प्रदेश) के सीमा क्षेत्र में हुई है, इसलिए दोनों राज्यों की पुलिस ने आपसी समन्वय स्थापित कर चारों शवों को अपने कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। एसपी ने कहा कि पीड़ितों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और उन्हें हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। रेलवे प्रशासन ने इस पूरी अफवाह और हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

