भोपाल। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने प्रदेशभर में स्थित अपने विश्राम भवनों और विश्राम गृहों (रेस्ट हाउस) के किरायों में भारी बढ़ोतरी की है। विभाग द्वारा 24 जुलाई 2014 के बाद लगभग 10 साल बाद दरों में संशोधन किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नए आदेश के अनुसार प्रदेश के प्रमुख राजभोगी शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी और पर्यटन नगरी खजुराहो में विश्राम गृह के प्रति कक्ष का किराया 800 रुपए से बढ़ाकर 1,500 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं इन शहरों में हाल का दैनिक किराया 1,000 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है।

न केवल प्रमुख शहरों में, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के जिला, तहसील व ग्रामीण स्तर के विश्राम गृहों में भी दरें बढ़ा दी गई हैं। अन्य जिला मुख्यालयों पर प्रति कक्ष किराया 600 से बढ़ाकर 1,000 रुपए और हाल का किराया 800 से बढ़ाकर 1,500 रुपए किया गया है। तहसील मुख्यालयों पर कक्ष का किराया 500 से बढ़कर 600 रुपए तथा तहसील से नीचे स्तर के विश्राम गृहों में 400 से बढ़कर 500 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है (हालांकि तहसील व उससे नीचे हाल का किराया यथावत रखा गया है)। सरकार ने राहत देते हुए 'लोकतंत्र सेनानियों' को प्रदेशभर के विश्राम गृहों में 50 प्रतिशत छूट के साथ तीन दिन तक ठहरने की सुविधा दी है।