भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर मंगलवार से डेरा डाले किसानों का आंदोलन बुधवार को और अधिक उग्र हो गया। मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े किसानों ने आरआरएल (RRL) तिराहे पर पुलिस की पहली बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इस दौरान उत्तेजित किसान मौके पर खड़ी बस के ऊपर चढ़ गए। पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।

भोपाल की सड़कों पर चल रहे इस प्रदर्शन में किसानों के विभिन्न रूप देखने को मिले। एक ओर जहाँ किसानों ने लोकगीतों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुँचाने और उन्हें जगाने का प्रयास किया, वहीं दूसरी ओर सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करने के उद्देश्य से सड़क पर ही हवन-पूजन किया गया। इस विशाल आंदोलन में 7 से 8 साल का एक छोटा बच्चा भी अपने परिवार व किसान भाइयों के साथ हाथों में तख्ती लिए प्रदर्शन में शामिल हुआ, जो दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।


सरकार किसानों के साथ, जनता की सुविधा का भी रखें ध्यान

किसान आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया कि किसानों से वार्तालाप करने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

समिति के सदस्य:

  • एंदल सिंह कंसाना (कृषि मंत्री)
  • विश्वास सारंग (कैबिनेट मंत्री)
  • कृष्णा गौर (राज्य मंत्री)
  • राकेश सिंह (कैबिनेट मंत्री)

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने बयान में कहा, "मध्य प्रदेश सरकार हमेशा किसान भाइयों के साथ खड़ी रही है और उनके हित हमारे लिए सर्वोपरि हैं। हालांकि, आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत न आए, इसके लिए दोनों पक्षों (प्रशासन और किसान) को चिंता करनी चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी किसान संगठन मिलकर बातचीत के जरिए समस्या का सकारात्मक हल निकाल लेंगे।"


नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का हमला

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किसान आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, "प्रदेशभर से भोपाल पहुँचे हजारों किसान भाई शांतिपूर्वक अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अहंकार में डूबी सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।"

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा:

"मुख्यमंत्री जी, कमेटी बनाकर समय टालने से समाधान नहीं होगा। किसानों की मांगों पर तत्काल निर्णय लिया जाए—

  • प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की गारंटी मिले।
  • खाद वितरण की बदहाल व्यवस्था में तुरंत सुधार हो।
  • किसानों से जुड़े सभी लंबित मुद्दों का ठोस समाधान किया जाए।"

उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में पदयात्रा करना अपराध नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। सरकार अहंकार से नहीं, संवाद और संवेदनशीलता से चलती है। मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी हर जायज मांग का समर्थन करती है।


'बच्चे घर में, पुलिस स्कूल बस में और किसान सड़क पर'

मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने भोपाल प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए गंभीर आरोप लगाए। मुकेश नायक ने कहा, "सरकार के कुप्रबंधन के कारण पूरे भोपाल के स्कूलों की छुट्टियाँ करनी पड़ी हैं। पुलिस प्रशासन ने स्कूली बसों को जब्त कर लिया है और उनमें पुलिसकर्मी बैठे हुए हैं।" उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज स्थिति यह बन गई है कि स्कूली बच्चे अपने-अपने घरों में दुबके बैठे हैं, पुलिस स्कूल बसों में घूम रही है और देश का अन्नदाता किसान सड़कों पर बैठा हुआ है। यह राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे का असली चेहरा है।