राजगढ़। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा और क्रूरता का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहाँ छीपीपुरा गांव में एक सनकी पति ने अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दीं। पत्नी उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत न कर सके, इसके लिए उसने महिला के गले में लोहे की जंजीर डालकर उसे आंगन के खंभे से ताला मारकर बांध दिया और गर्म सरिए से उसके शरीर को दागा। इस नरक से जैसे-तैसे जान बचाकर भागी महिला जब गले में भारी-भरकम जंजीर और ताला लटकाए रात 10 बजे थाने पहुंची, तो उसकी हालत देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता को बंधनमुक्त कराया और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
विवाद की वजह: सिर्फ खाना परोसने में हुई कुछ मिनटों की देरी
पीड़िता मांगीबाई तंवर (30 वर्ष) ने बताया कि 10 जून की दोपहर करीब 12:00 बजे उसका पति सरदार सिंह तंवर घर आया और खाना मांगा। मांगीबाई ने जब कहा कि "बस खाना परोस रही हूं", तो इतनी सी बात पर सरदार सिंह अपना आपा खो बैठा और गालियां देने लगा। विरोध करने पर वह बाहर से पेड़ की मोटी डाल तोड़कर लाया और बेरहमी से डंडों और थप्पड़ों से पत्नी पर बरस पड़ा। रोज-रोज के इस नशे और मारपीट से तंग आकर मांगीबाई ने इस बार चुप रहने के बजाय पुलिस के पास जाने का फैसला किया।
थाने पहुंचने से महज 100 मीटर पहले पति ने किया अगवा
मांगीबाई ने बताया कि वह 10 जून की रात पति के सोने का इंतजार करती रही। उसके सोते ही वह घर से भाग निकली। अंधेरे के कारण वह रास्ता भटक गई और रातभर खेतों व जंगलों में भटकती रही। 11 जून की सुबह जैसे-तैसे वह खिलचीपुर पहुंची।
रास्ते से दोबारा उठाया:
"मैं थाने से मात्र 100 मीटर दूर पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास पहुंच चुकी थी, तभी पीछे से ढूंढता हुआ मेरा पति बाइक लेकर आ गया। उसने मुझे जबरन पकड़ा और मारपीट कर बाइक पर बैठा लिया। रास्ते में एक राहगीर बालू तंवर ने बीच-बचाव भी किया, लेकिन वह मुझे दोबारा जबरन घर ले आया।"
- मांगीबाई, पीड़िता
घर लाकर खंभे से जंजीर से जकड़ा, फिर गर्म सरिए से दागा
घर पहुंचते ही आरोपी पति ने चिल्लाते हुए कहा, "अब देखता हूं तू मेरी रिपोर्ट करने थाने कैसे जाती है।" इसके बाद उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं:
खंभे से बांधा: आरोपी ने महिला के गले में लोहे की मोटी जंजीर डाली। जंजीर का एक सिरा बड़े ताले से महिला के गले में और दूसरा सिरा छोटे ताले से आंगन में गड़े लोहे के खंभे से लॉक कर दिया।
गर्म सरिए से प्रताड़ना: महिला को 24 घंटे तक भूखा-प्यासा बंधक रखा गया। इस दौरान आरोपी गैस चूल्हे से लोहे का सरिया लाल-गर्म कर लाया और महिला की कमर, हिप्स तथा जांघ को बेरहमी से दाग दिया। महिला दर्द से चीखी तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया।
पंचायत के बहाने बाहर गया पति, पत्थर से ताला तोड़ भागी पत्नी
आरोपी सरदार सिंह गांव में पंचायत बुलाकर महिला पर यह दबाव बनाना चाहता था कि वह लिखित में दे कि उसके सारे आरोप झूठे हैं और वह पुलिस के पास नहीं जाएगी। जान बचाने के लिए मांगीबाई ने हामी भर दी। शाम को जैसे ही पति ग्रामीणों को बुलाने घर से बाहर गया, मांगीबाई ने पास पड़े एक भारी पत्थर से खंभे पर लगे छोटे ताले पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। काफी कोशिश के बाद ताला टूट गया। इसके बाद गले में जंजीर लटकाए ही वह शाम 6 बजे दोबारा जंगल के रास्ते भाग निकली। पैरों में कांटे चुभने और छिलने के बाद भी वह नहीं रुकी और रात 10 बजे थाने पहुंच गई।
लोग पागल समझते रहे; पुलिस ने खिलाया खाना, आरोपी सलाखों के पीछे
गले में जंजीर और ताला लटकाए भाग रही मांगीबाई को रास्ते में कई लोगों ने देखा, लेकिन लोग उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ (पागल) समझकर आगे बढ़ गए। हालांकि, खिलचीपुर में एक सहृदय व्यक्ति ने उसकी हालत देख उसे नाश्ता कराया। थाने पहुंचते ही महिला फूट-फूटकर रोने लगी। खिलचीपुर थाना प्रभारी (TI) कमल सिंह गेहलोत ने बताया कि महिला की शिकायत पर तत्काल गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने सबसे पहले कटर की मदद से महिला के गले से जंजीर और ताला अलग किया, उसे खाना खिलाया और अस्पताल ले जाकर उसका मेडिकल कराया, जहां शरीर पर जलने और चोट के गंभीर निशान पाए गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छीपीपुरा गांव में दबिश देकर आरोपी पति सरदार सिंह तंवर को धर दबोचा है।
10 साल पहले हुई थी शादी, बच्चे की मौत के बाद बढ़ा विवाद
पीड़िता राजस्थान के मनोहर थाना क्षेत्र के बिरजीपुरा गांव की रहने वाली है। 10 साल पहले उसकी शादी सरदार सिंह से हुई थी। शादी के 5 साल बाद उनके घर एक बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन महज 3 महीने की उम्र में बीमारी के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद से उनकी कोई संतान नहीं थी। पीड़िता का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद से ही पति शराब का आदी हो गया और आए दिन उसके साथ इसी तरह की हैवानियत करता था।

