स्कोप्जे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को उत्तर मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे स्थित चर्च ऑफ सेंट स्पास में गोसे डेलचेव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। गोसे डेलचेव को उत्तर मैसेडोनिया में एक क्रांतिकारी नेता, स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रीय नायक के रूप में याद किया जाता है।राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्कोप्जे के चर्च ऑफ सेंट स्पास में गोसे डेलचेव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। गोसे डेलचेव उत्तर मैसेडोनिया के राष्ट्रीय नायक के रूप में सम्मानित हैं।"
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मु और उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा ने स्कोप्जे के विला वोड्नो में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल बदलाव जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर बात की।
दोनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। राष्ट्रपति मुर्मु और राष्ट्रपति सिल्यानोव्स्का-दावकोवा ने भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक से पहले राष्ट्रपति मुर्मु का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
राष्ट्रपति सचिवालय ने 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा ने स्कोप्जे के विला वोड्नो में स्वागत किया। यह उनकी देश की पहली राजकीय यात्रा है। उन्हें औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों पर चर्चा की और आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित भारत-उत्तर मैसेडोनिया के गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की बात दोहराई।"
दावकोवा ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु की उत्तर मैसेडोनिया यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक 'महत्वपूर्ण कदम' है।
दावकोवा ने 'एक्स' पर लिखा, "भारत की पहली राष्ट्रपति के रूप में हमारे देश की आधिकारिक यात्रा पर आईं द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। हमने मैसेडोनिया-भारत संबंधों पर चर्चा की, जिसमें अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल बदलाव के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।"
उन्होंने कहा, "यह यात्रा भारत के साथ हमारे सहयोग को बढ़ाने और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संत मदर टेरेसा की साझा मानवीय विरासत और गुटनिरपेक्ष आंदोलन का अनुभव हमारे संबंधों के नए दौर के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।"
राष्ट्रपति मुर्मु मंगलवार (भारतीय समय के अनुसार) उत्तर मैसेडोनिया पहुंचीं। यह उनकी तीन देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। इससे पहले उन्होंने मोल्दोवा की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की थी।




