नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर 14 जून को पैलेस डेस एक्सपोजिशंस डी नीस में 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन करेंगे।भारत सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा 'भारत इनोवेट्स 2026' केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है। इसमें 120 भारतीय इनोवेटर्स, 15 उच्च शिक्षण संस्थान (एचईआई) और 500 से ज्यादा निवेशक शामिल होंगे। इनमें बड़े कॉर्पोरेट और वेंचर कैपिटल फर्म के साथ-साथ ग्लोबल सीईओ और इंडस्ट्री लीडर्स भी शामिल होंगे।
इस इवेंट में एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सुविधा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे 13 मुख्य क्षेत्र शामिल होंगे, जो भारत के बढ़ते इनोवेशन और डीप टेक इकोसिस्टम को दिखाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी आने की उम्मीद है। इस दौरान भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद के भी मौजूद रहने की बात कही गई है। सलाहकार अजय कुमार सूद ने 'भारत इनोवेट्स 2026' में भारत से 120 स्टार्ट-अप्स को चुनने के लिए टेक्निकल ओवरसाइट कमेटी का नेतृत्व किया था।
'भारत इनोवेट्स 2026' का पहला सत्र नीस में ग्लोबल इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री के सामने भारत के डीप टेक इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स को दिखाएगा। उम्मीद है कि यह इवेंट भारत और ग्लोबल स्टेकहोल्डर्स के बीच इनोवेशन-लेड पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के लिए एक हाई-इम्पैक्ट प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा।
इवेंट के दौरान कई खास घोषणाएं और नतीजे आने की उम्मीद है, जिसमें डीप टेक, रिसर्च और डेवलपमेंट, स्टार्ट-अप स्केलिंग और क्रॉस-बॉर्डर इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन में मजबूत कोलेबोरेशन फ्रेमवर्क शामिल हैं।
यह कार्यक्रम भारत और फ्रांस के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच संस्थागत साझेदारी के नए अवसरों को भी रेखांकित करेगा। इसका विशेष जोर सह-विकास (को-डेवलपमेंट), प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और उभरती प्रौद्योगिकियों के तेजी से विकास पर होगा।
'भारत इनोवेट्स 2026' पहल का उद्देश्य भाग लेने वाले नवप्रवर्तकों और संस्थानों को निवेशकों, कॉरपोरेट कंपनियों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संगठनों और सरकारी हितधारकों से जोड़ना है। इसके माध्यम से निवेश, प्रौद्योगिकी सत्यापन, सह-विकास के अवसर, पायलट परियोजनाएं, विनिर्माण साझेदारियां, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उसके अपनाने के लिए मार्ग तैयार किए जाएंगे। साथ ही भारतीय नवाचारों को नए बाजारों में प्रवेश दिलाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने में भी सहायता मिलेगी।
'भारत इनोवेट्स 2026' से उम्मीद है कि ग्लोबल इनोवेशन नेटवर्क के साथ भारत का जुड़ाव काफी गहरा होगा और तकनीक से चलने वाले विकास और उद्यमिता के लिए एक लीडिंग हब के तौर पर इसकी स्थिति और मजबूत होगी। इसे भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति ने फरवरी 2026 में मुंबई में मिलकर किया था।

