छतरपुर, संजय अवस्थी। शहर के देरी रोड स्थित वार्ड क्रमांक 36, शिवनगर कॉलोनी के मोहल्लेवासी पिछले 10 सालों से बदहाली और उपेक्षा का दंश झेलने को मजबूर हैं। कॉलोनी में पक्की सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण स्थानीय लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। प्रशासनिक उपेक्षा से त्रस्त होकर दर्जनों निवासियों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द समस्याओं के निराकरण की गुहार लगाई।
रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में नालियों का निर्माण न होने के कारण घरों का गंदा पानी और सेप्टिक टैंक का पानी सीधे कच्ची सड़कों पर बहता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से खाली पड़े प्लॉटों में जलभराव हो रहा है, जिससे मच्छर और जहरीले कीड़े पनप रहे हैं और गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बारिश के मौसम में कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। स्थानीय निवासी जगदेव रैकवार ने बताया कि सड़कों में गड्ढे और कीचड़ के कारण वे साइकिल से फिसलकर गिर गए, जिससे उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। इसके अलावा, सड़कों पर खंभों में लाइटें न होने से रात के समय अंधेरा छाया रहता है, जिससे स्कूली बच्चों और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है।
वहीं महेश रैकवार के अनुसार, कॉलोनी में लगभग 200 से अधिक परिवार निवास करते हैं और वे बीते एक दशक से इन मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। नगर पालिका और सीएमओ से लेकर जनप्रतिनिधियों तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर निवासियों ने कलेक्ट्रेट का दरवाजा खटखटाया है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क, नाली निर्माण और स्ट्रीट लाइट लगवाने का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।




