नई दिल्ली। पाकिस्तान में स्वास्थ्य विभाग की दयनीय स्थिति का लेखा जोखा इंटरनेशनल एजेंसियों ने भी दिया है। खासकर मासूमों को लगाई गई संक्रमित सीरींज से फैलते एचआईवी पर चिंता जाहिर की गई है। अपने बच्चों को लापरवाही का शिकार होते देख अभिभावक काफी नाराज हैं और इसके खिलाफ उन्होंने कराची में प्रदर्शन किया।

पाकिस्तान में बच्चों में बढ़ते एचआईवी संक्रमण को लेकर सैकड़ों परिवारों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी क्लीनिकों में कथित रूप से असुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं के कारण बड़ी संख्या में बच्चे एचआईवी से संक्रमित हुए हैं।

पाकिस्तान ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के मुताबिक, "एचआईवी संक्रमण के कारण करीब नौ बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों बच्चे संक्रमित हुए हैं।" संक्रमण फैलने के संभावित कारणों में इस्तेमाल की गई सिरिंजों का दोबारा उपयोग, दूषित दवा की शीशियां और असुरक्षित रक्त चढ़ाने की प्रक्रियाओं को जिम्मेदार बताया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूएनएड्स ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान एशिया में सबसे तेजी से बढ़ते एचआईवी संक्रमण वाले देशों में शामिल है। इसके साथ ही देश में हेपेटाइटिस-सी के मामले भी दुनिया में सबसे अधिक हैं, जिससे करीब एक करोड़ लोग प्रभावित हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि जहां दुनिया के कई हिस्सों में एचआईवी संक्रमण और एड्स से होने वाली मौतों में कमी आ रही है और संक्रमण मुख्य रूप से उच्च जोखिम वाले समूहों तक सीमित है, वहीं पाकिस्तान में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमित बच्चों में 90 प्रतिशत से अधिक की माताएं एचआईवी नेगेटिव पाई गई हैं, जिससे असुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे परिवारों ने इन घटनाओं को रोकी जा सकने वाली और मानवजनित स्वास्थ्य त्रासदी बताया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से एचआईवी संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की मांग की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पिछले दो दशकों में पाकिस्तान में एचआईवी संक्रमण में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सिंध हाई कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सिंध के स्वास्थ्य सचिव और प्रांतीय पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी कर संक्रमण फैलने और संभावित चिकित्सकीय लापरवाही पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल के अनुसार, पाकिस्तान में 84,000 पंजीकृत एचआईवी मामले हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

इससे पहले बीबीसी की एक रिपोर्ट में पंजाब के तौंसा क्षेत्र में नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 331 बच्चों के एचआईवी संक्रमित होने का उल्लेख किया गया था। जांच में सामने आया था कि एक अस्पताल में बच्चों के लिए इस्तेमाल की गई सिरिंजों को दोबारा इस्तेमाल किए जाने से संक्रमण फैला।

रिपोर्ट में कहा गया कि तौंसा, कोट मोमिन, मीरपुरखास, नवाबशाह, कराची, हैदराबाद, मुल्तान और डेरा गाजी खान जैसे क्षेत्रों में सामने आए मामले संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था की गंभीर कमियों को दर्शाते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि कमजोर स्वास्थ्य बजट, जो लगातार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के एक प्रतिशत से भी कम रहा है, और संक्रमण रोकथाम की अनदेखी ने स्थिति को और गंभीर बनाया है।